चुनाव में स्थानीय मुद्दे गौण, प्रत्याशियों के केवल वादे
चुनावी सभाओं व जनसंपर्क के बीच स्थानीय मुद्दे गौण हो गए। आमजन समस्याओं पर भी कम ही चर्चाएं हुए। प्रत्याशी भी क्षेत्रीय मुद्दों पर ज्यादा वादे नहीं कर रहे हैं। केवल बीच में रहकर सेवा करने के वादे किए जा रहे हैं। ऐसे में मतदाता किस की ओर रुख करेंगे, यह नहीं कहां जा सकता है।
वही प्रत्याशियों के हार जीत को लेकर अपने अपने दावे हैं। जनसंपर्क को देखते हुए सभी जातीय समीकरणों का जोड़ तोड़ लगा रहे हैं और स्वयं को जीता हुआ बता रहे हैं। सात मई को मतदान होना हैं और चार जून को मतगणना के बाद परिणाम आएंगे। किस प्रत्याशी के दावों और जातीय समीकरण में दम हैं, यह मतगणना के बाद ही पता चला पाएगा।
दलित मतदाताओं का रुख तय करेगा परिणाम
संभल लोकसभा सीट पर मुख्य पार्टियों के प्रत्याशी रात दिन जनसंपर्क में लगे हैं। इस बार सपा के काडर वोट पर सपा और भाजपा दोनों डोरे डालती नजर आई। जनसभाओं में किसी ने भी बसपा की बुराई नहीं की और बार-बार बाबा साहब आंबेडकर को याद किया। उनके संविधान का वास्ता दिया। ऐसे में दलित वोट भाजपा और सपा के लिए निर्णायक साबित होगा। वहीं बसपा को उम्मीद है कि उसके वोट बैंक में कोई सेंध नहीं लगा पाएगा।
मतदाताओं की स्थिति
कुल मतदाता 1892360
पुरुष मतदाता 1009956
महिला मतदाता 882282
अन्य 122
2014 का परिणाम
भाजपा सत्यपाल सैनी 360242
सपा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क 355068
बसपा अकीलुर्रहमान खान 252640
2019 का परिणाम
सपा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क 658006
भाजपा परमेश्वर लाल सैनी 483180