कूड़ा कचरा बीनने और बेघर लोगों के राशनकार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है। आपूर्ति विभाग ने उचित दर विक्रेताओं को लोगों का डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि उनको जांच-पड़ताल के बाद समय से राशनकार्ड मुहैया कराया जा सके।
जिला आपूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि अभी तक आधार कार्ड और सालाना आय के आधार पर राशन कार्ड जारी होते थे। हाल में ही सरकार ने कूड़ा कचरा बीनने वाले और बेघर लोगों के लिए भी आधार कार्ड मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में निवास करने वाले भारत के ऐसे नागरिक जिनके पास अपना कोई आवास नहीं है और आश्रयहीन जीवन व्यतीत कर रहे हैं, ऐसे लोग खाद्यान्न वितरण की महत्वपूर्ण योजना से वंचित हो जाते हैं। इसके लिए संबंधित व्यक्तियों व पात्र परिवारों के आधार कार्ड बनाए व निर्गत किए जाने के लिए मान्य दस्तावेजों के साथ-साथ यूआइडीएआइ द्वारा निर्धारित प्रारूप पर निर्गत फोटोयुक्त प्रमाण पत्र भी पहचान पत्र के रूप में मान्य होंगे। राजपत्रित अधिकारी व तहसीलदार, मान्यता प्राप्त आश्रय गृहों अथवा अनाथालयों के हेड समेत अन्य लोग, ग्राम पंचायत के मुखिया, उसके समकक्ष प्राधिकारी खाद्यान्न से वंचित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पहचान प्रमाण पत्र सुलभ कराते हुए आधारकार्ड निर्गत कराएंगे। इसके बाद आधार कार्ड के आधार पर राशनकार्ड निर्गत किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग सर्वे कर रहा है।
बेघर और कचरा बीनने वाले लोगों के फोटो के आधार पर राशन कार्ड बनाने के निर्देश मिले हैं। टीमें बनाकर तहसील स्तर पर ऐसे लोगों को तलाश कर राशन कार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है।
नरेंद्र तिवारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, संभल।