संभल। नकली हॉलमार्क लगाकर अपमिश्रित शराब बेचने वाले तीन तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक गाड़ी में भरे हुए 4003 शराब के पव्वे बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में आसपास के इलाके में शराब बेचने की बात को स्वीकार किया है। जो शराब पकड़ी गई है वह मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। इससे सेवन करने वाले व्यक्ति की जान भी जा सकती है। इस शराब तस्करी का खुलासा पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रविवार की सुबह असमोली पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान गांव कथना के नजदीक एक गाड़ी को पुलिस ने रोक लिया। तलाशी करने पर शराब की पेटियां भरी हुईं मिली। तीन लोग हिरासत में लिए गए। आरोपियों से जब पूछताछ की तो उन्होंने ठेके की शराब बताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। जब गहनता से जांच की गई तो हॉलमार्क से लेकर स्कैन होने वाला क्यूआर कोड तक फर्जी पाया गया। पुलिस आरोपियों को थाने ले गई।
पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपनी पहचान गांव कथना निवासी अजय शर्मा, संजय शर्मा और राजू उर्फ राजकुमार के रूप में कराई। साथ ही बताया कि वह लोग शराब की तस्करी करते है। पव्वों में अपमिश्रित शराब भरकर उस पर हॉलमार्क लगा देते हैं। साथ ही फर्जी क्यूआर कोड का भी स्टीकर लगा देते हैं। आरोपियों ने बताया है कि वह लोग आसपास के इलाके में इस शराब की बिक्री कर रहे थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कहीं ठेके पर तो नहीं बिक रही अपमिश्रित शराब
संभल। असमोली पुलिस ने एक साथ 4003 शराब के पव्वे पकड़े हैं। आरोपियों ने खुलासा किया है कि यह अपमिश्रित शराब है और आसपास के इलाके में बेच देते हैं। अब ऐसे में अंदेशा है कि कहीं आरोपी ठेके पर तो इस शराब की तस्करी नहीं कर रहे थे क्योंकि पिछले दिनों एसडीएम दीपेंद्र यादव और सीओ अरुण कुमार सिंह ने आबकारी विभाग की टीम को साथ लेकर ठेकों पर चेकिंग की थी। कई जगह ऐसे शराब के पव्वे मिले थे जहां क्यूआर कोड स्कैन नहीं हुआ था।