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एहतियाती खुराक के लिए भटक रहे लोग

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चंदौसी। कोरोना से बचाव के लिए नियमित रूप से टीकाकरण चल रहा है। सरकार ने 18 साल से अधिक आयु के लोगों को निजी अस्पतालों में एहतियाती खुराक लगाने की अनुमति दे दी है और कोविन एप से लोगों के पास मेसेज भी आ रहे हैं लेकिन निजी अस्पतालों में एहतियाती खुराक लगाने की व्यवस्था नहीं है और सरकारी अस्पतालों में नियम नहीं है। ऐसे में 18 साल से अधिक आयु के लोग एहतियाती खुराक लगवाने के लिए भटक रहे हैं। अफसर बोले कि जिले में एक भी निजी अस्पताल में एहतियाती खुराक लगाने की इच्छा नहीं जताई है। इस कारण 18 साल से अधिक आयु के लोगों को एहतियाती खुराक नहीं लगाई जा सकी।
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संभल जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 155985 लोग हैं। शासन ने 18 साल से अधिक आयु के लोगों को निजी अस्पताल में एहतियाती खुराक लगवाने के लिए सुविधा दी है। साथ ही निजी अस्पताल में एहतियाती खुराक के लिए 386 रुपये का मूल्य निर्धारित किया है। कोरोना से बचाव की दो खुराक लगवा चुके लोगों के पास कोविन एप से निजी अस्पताल में एहतियाती खुराक लगवाने का मेसेज आ रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि आप निजी अस्पताल में जाकर एहतियाती खुराक लगवा सकते हैं लेकिन संभल जिले में एक निजी अस्पताल अथवा नर्सिंग होम कोरोना से बचाव के लिए एहतियाती खुराक नहीं लगा रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी निजी अस्पताल संचालकों से संपर्क कर चुका है, पर कोई भी अस्पताल आगे नहीं आया। वही सरकारी अस्पताल में 18 साल से अधिक आयु के लोगों को एहतियाती खुराक लगवाने का नियम नहीं है। ऐसे में 18 साल से अधिक आयु के लोगों के सामने समस्या आ रही है।
20299 ने लगवाई एहतियाती खुराक
जिले में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को एहतियाती खुराक सरकारी अस्पताल में निशुल्क लगवाने की सुविधा है। जिले में 60 साल से अधिक आयु के 38585 लोग हैं। इनमें से अब तक 20299 वृद्धों को एहतियाती खुराक लग चुकी है। वहीं जिले में 4057 हेल्थ वर्कर और 6732 फ्रंट लाइन वर्कर को एहतियाती खुराक लग चुकी है।
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सरकारी में निशुल्क टीके की सुविधा के चलते रुचि नहीं दिखा रहे निजी अस्पताल
कोरोना काल में जब वैक्सीन लगनी शुरू हुई, तब भी सरकार ने निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन लगाने की अनुमति दी थी। संभल में एक अस्पताल में वैक्सीन लगाने की शुरूआत की थी लेकिन उस दौरान लोगों ने निजी अस्पताल के बजाए सरकारी अस्पताल में टीके लगवाए थे। चंदौसी के एक निजी अस्पताल को वैक्सीन कंपनी को वापस करनी पड़ी थी। उसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इस कारण निजी अस्पताल एहतियाती खुराक लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
18 साल से अधिक आयु के लोगों के लिए एहतियाती खुराक निजी अस्पताल में लगाने की अनुमति शासन ने दी है लेकिन जिले में एक भी निजी अस्पताल में एहतियाती खुराक लगाने की इच्छा नहीं जताई है। इस कारण 18 साल से अधिक आयु के लोगों को एहतियाती खुराक नहीं लगाई जा सकी।
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संजीव कुमार राठौर, डीपीएम एनएचएम संभल
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