संभल के रोडवेज स्टैंड पर रक्षाबंधन पर्व पर बसों में भीड़ के चलते बस की खिड़की से बच्ची को अंदर लेत?
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संभल। परिवहन विभाग ने भले रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने का दावा किया लेकिन हकीकत में बहनों को सुविधा नहीं मिल पाई। भीड़ और धक्कामुक्की से परेशान होती दिखाई दीं। पुलिस कर्मी तैनात थे लेकिन वह भी व्यवस्था नहीं बना सके। महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं थी। मजबूरन महिलाओं को अपने बच्चे खिड़की के सहारे बस की सीट तक पहुंचाने पड़े। इस दौरान कई बार महिलाओं में कहासुनी भी हो गई।
सुबह से शाम तक बसों में बैठने को लेकर महिलाएं परेशान नजर आईं। रविवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया गया। इस खास पर्व पर प्रदेश सरकार ने सभी महिलाओं के लिए परिवहन निगम की समस्त श्रेणी की बसों में निशुल्क बस यात्रा की सुविधा का अनोखा उपहार दिया, लेकिन यह उपहार कारगर साबित नहीं हुआ। महिलाओं ने निशुल्क सफर किया लेकिन परेशानी भी आम दिनों से कहीं ज्यादा उठानी पड़ी। संभल रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों में अफरातफरी नजर आई।
दो से तीन मिनट में बस की सभी सीटें भर जा रही थीं और अगले पांच मिनट में बस में खड़े होने की भी जगह नहीं बच रही थी। रोडवेज बसें 35 संचालित की गई थीं। आम दिनों में 30 रोडवेज बसें संचालित की जाती हैं लेकिन रक्षाबंधन के पर्व के चलते पांच रोडवेज बसें और बढ़ा दी गई थीं। मुुरादाबाद-संभल को जाने वाली रोडवेज बसों में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ी। बच्चे खिड़की से सीट तक पहुंचाने पड़े। शाम तक रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ लगी रही।