संभल। जनपद में अभी तीन तहसीलें हैं। संभल तहसील का विभाजन करके अगर असमोली को तहसील का दर्जा दिया जाता है तो जिले में चार तहसीलें हो जाएंगी। शासन स्तर से नई तहसील बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नई तहसील बनाने के लिए राजस्व परिषद ने मंडलायुक्त से आख्या मांगी है। आयुक्त ने संभल के जिलाधिकारी से प्रस्ताव मांगा है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी से आंकलन करके रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
संभल जनपद का गठन 28 सितंबर 2011 को मुरादाबाद जिले की चंदौसी, संभल और बदायूं जिले की गुन्नौर तहसील को जोड़कर किया गया था। संभल तहसील में सबसे अधिक 399 गांव हैं। गुन्नौर तहसील में 383 राजस्व गांव हैं। जबकि सबसे कम राजस्व गांव चंदौसी तहसील में हैं। चंदौसी तहसील के राजस्व गांवों की संख्या 240 है। जिले में कुल 1022 राजस्व गांव हैं।
जब जनपद का गठन हुआ था, उसी समय से मुरादाबाद और अमरोहा जनपद के करीबी गांव संभल में खुद को शामिल किए जाने का विरोध कर रहे थे। जनता की मांग पर राजस्व परिषद में विचार हुआ और प्रस्ताव भी गए पर अटक गए।
प्रस्तावों पर नहीं हो सका। इसके बाद असमोली को नई तहसील बनाने की मांग राजस्व परिषद के समक्ष उठाई गई। राजस्व परिषद इस मांग पर गंभीर है। मंडलायुक्त के पास राजस्व परिषद का पत्र आ गया है।
पत्र के आधार पर आयुक्त ने जिलाधिकारी को लिखा है। जिलाधिकारी ने संभल के तहसीलदार और उप जिलाधिकारी से आख्या मांगी है। आख्या के लिए भेजे गए पत्र में राजस्व परिषद की गाइड लाइन का उल्लेख है।