चंदौसी। पंचायती राज विभाग का दावा है कि अब शहर, निकायों की तर्ज पर गांवों में अपशिष्ट कूड़ा प्रबंधन होगा। साथ ही कूड़े से खाद बनाने व्यवस्था होगी। योजना के अंतर्गत संभल जनपद में ओडीएफ प्लस 44 गांव चिह्नित कर लिए गए हैं। बनियाखेड़ा ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना लखनऊ भी पहुंच चुकी है। आगामी एक माह में सभी गांवों की कार्ययोजना बनाकर जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए बजट शासन स्तर से जारी होगी।
संभल जिले में 670 ग्राम पंचायत और करीब 980 गांव हैं। इनमें से 44 ग्राम पंचायत ओडीएफ प्लस हो चुकी हैं। खुले में शौचमुक्त होने के बाद ओडीएफ प्लस गांवों में अपशिष्ट कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था नगर और शहरों की तर्ज पर होगी। 44 गांवों में सूूखे और गीले कूड़े का अलग-अलग प्रबंधन किया जाएगा। गीले कूड़े (रसोई के अवशेष, फल सब्जी, हरी पत्ती आदि) के निस्तारण के लिए मोहल्लवार कंपोजिट पिट बनाई जाएगी तथा सूखे कूडे़ (प्लास्टिक, पॉलिथीन, कांच, कपड़ा आदि) को एकत्र करने के लिए जालीनुमा बॉक्स बनाएं जाएंगे। ग्रे-वाटर (घरों से निकलने वाले साबुन के पानी व अन्य पानी) को इस्तेमाल करने के लिए गांव में नाली बनाई जाएगी। ब्लैक वाटर (शौचालय के गड्ढे से निकलने वाले पानी) के लिए सेफ्टी टैंक के पास ही सॉकपिट बनाया जाएगा। गांव की कार्ययोजना ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्रामीण स्वच्छता समिति बनाएगी।
शासन से जारी होगा बजट, होगी अलग-अलग मद
ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट कूड़ा प्रबंधन के लिए 15वें वित्त आयोग, मनरेगा अंशदान, कृषि विभाग, सामुदायिक, संस्थागत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, विधायक व सांसद निधि के अंशदान से खर्च किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी संभल जाहिद हुसैन ने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपशिष्ट कूड़ा प्रबंधन होगा। कूड़े को वर्गीकृत किया जाएगा। गोबर के लिए अलग से कंपोजिट पिट बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायत को अधिकार रहेगा, कि वह कूड़ा कलेक्शन व निस्तारण के लिए कुछ शुल्क भी निर्धारित कर सकती है। जल्द ही जिले की सभी गांवों की कार्ययोजना बनाकर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज करा दी जाएगी।