संभल के मनोटा में सोत नदी की जमीन पर लोगों ने इस तरह से खेत बना लिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट और शासन के निर्देशों और आदेशों की अनदेखी करके कुछ लोगों ने जिले में सोत नदी की भूमि भी पर अवैध कब्जे कर लिए हैं। नदी की जमीन पर अवैध कब्जेदार खेती कर रहे हैं। सैकड़ों बीघा रकबा कब्जा हो गया और राजस्व प्रशासन सोता रह गया। सोत नदी कभी जीवनदायिनी हुआ करती थी वह अब अस्तित्व खो रही है। नदी की जमीन पर जगह-जगह फसलें दिखाई पड़ रही हैं। पता ही नहीं चल पाता है कि यहां कभी नदी थी। यदि अभी नहीं चेते तो नदी खत्म होने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
जिले में हाजीपुर से मनोटा पुल तक सोत नदी है। सोत नदी में पानी नहीं है। इसके चलते नदी की जमीन पर अवैध कब्जे हो गए हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले नदी की सफाई हुई थी, लेकिन उसके बाद सरकारी तंत्र ने अनदेखी कर दी और धीरे-धीरे नदी पर अवैध कब्जे हो गए। हाजीपुर उर्फ हैदरपुर, गालबपुर ढकिया, मुगरेजपुर, धकतोड़ा घाट तक अवैध कब्जे कोई भी देख सकता है। अगर प्रशासन ने तत्काल नदी को बचाने की मुहिम न छेड़ी तो सोत नदी की बची-खुची पहचान भी खत्म हो जाएगी।