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सौ रुपये लाओ बिना टीका लगवाए प्रमाणपत्र पाओ

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संभल। देशभर में कोरोना तेजी के साथ फैल रहा है, जिसको नियंत्रित करने के लिए सरकार लोगों का टीकाकरण करा रही है। संभल जिले में कोरोना के मामले प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। दावा है कि जिले में टीकाकरण भी तेजी के साथ किया जा रहा है, वहीं जिले में बिना टीके ही फर्जी प्रमाणपत्र बिक रहे हैं।
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अमर उजाला के जागरूक पाठकों की ओर से जानकारी दिए जाने पर अमर उजाला टीम गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे संभल सीएचसी पहुंची। जहां स्टिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से हो रहे इस फर्जी खेल का खुलासा हुआ। सीएचसी में जो कर्मचारी टीकाकरण कर रहे थे उनसे टीका लगवाने की जानकारी ली गई। कर्मचारी से जब कहा कि टीका नहीं लगवाना है, लेकिन प्रमाणपत्र चाहिए। इस पर कर्मचारी ने कहा कि इसके लिए दो सौ रुपये लगेंगे, प्रमाणपत्र मिल जाएगा। बाद में एक सौ रुपये में यह सौदा तय हो गया और रुपये कर्मचारी के हाथ में दिए गए। इसके बाद कर्मचारी ने आधार कार्ड का फोटो अपने मोबाइल में खींच लिया और मोबाइल नंबर नोट कर लिया। इसके बाद प्रमाणपत्र बनाकर हाथ में दे दिया। मैसेज शाम तक आने की बात कही गई। बाद में टीम द्वारा ऑनलाइन प्रमाणपत्र चेक किया गया तो टीकाकरण का प्रमाणपत्र सही पाया है।
ऐसा ही दूसरे कर्मचारी के साथ सौदा हुआ। उसने भी सौ रुपये लिए और प्रमाणपत्र बनाकर दे दिया। इन दोनों ही मामलों की वीडियो रिकॉर्ड की गई, जिसमें सारी हकीकत कैद हो गई है। ऐसा ही मामला जिला अस्पताल का सामने आया है। एक युवक ने अपने परिवार के चार लोगों के टीकाकरण होने के प्रमाणपत्र बनवाए हैं। इसके लिए चार सौ रुपये अदा किए हैं। इसका ऑडियो सामने आया है। यदि जांच की जाए तो यह भ्रष्टाचार बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।
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कागजों में आंकड़ा बढ़ा, हकीकत में शायद कम ही लोगों को लगा टीका
टीकाकरण जिले में तेजी से कराने का दावा स्वास्थ्य विभाग भले ही कर रहा है, लेकिन गुरुवार को इस तेजी की हकीकत सामने आ गई। टीकाकरण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। इससे साफ है कि कागजों में भले आंकड़ा बढ़ गया है, लेकिन हकीकत में कुछ आंकड़ा कुछ और ही है। जिला प्रशासन इस मामले में जांच कराए तो परत दर परत भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं।
मेरी जानकारी में नहीं है कि रुपये लेकर टीकाकरण का प्रमाणपत्र बनवाया जा रहा है। अब वीडियो बनने की बात सामने आई है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो कर्मचारी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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डा. मनीष अरोड़ा, सीएचसी प्रभारी, संभल
रुपये लेकर टीका लगाना या टीका लगाए बिना ही प्रमाणपत्र देना तो गलत है। इसकी जानकारी कराते हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी, संभल
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