संभल। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 594 किलोमीटर लंबे छह लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे संभल जिले के 31 गांवों से होकर गुजरना है। इसके लिए जिले में 450 हेक्टेयर भूमि ली जानी है। अभी करीब 20 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना बाकी है। यह वह भूूमि है जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है या अन्य कोई विवाद है। संभल और चंदौसी तहसील में करीब दस-दस हेक्टेयर भूमि है। प्रशासन इस भूमि का निस्तारण कराने के लिए जुटा है।
18 दिसंबर को शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। इसलिए शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण कराने का प्रयास किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ-बुलंदशहर मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334) के बिजौली गांव के पास से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 के प्रयागराज बाईपास पर जुडापुर दांदू गांव के पास मिलेगा। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली होते हुए प्रयागराज तक यह एक्सप्रेस-वे जाना है।
जिले में संभल तहसील के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेस वे प्रवेश करेगा और चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से होते हुए बदायूं जिले से जुड़ जाएगा। संभल जिले में करीब 38 किलोमीटर दूरी का हिस्सा शामिल है। इस हिस्से में संभल तहसील के 17 और चंदौसी के 14 गांव शामिल हैं। भूमि का अधिग्रहण तो जून 2021 तक पूरा किया जाना था। 98 प्रतिशत से ज्यादा भूमि अधिग्रहण की जा चुकी है। दोनों तहसील में करीब 20 हेक्टेयर भूूमि ऐसी है जिनका न्यायालय में मामला विचाराधीन होने या अन्य किसी विवाद के चलते अब तक अधिग्रहण नहीं किया जा सका है। प्रशासन का प्रयास है कि इस भूमि का निस्तारण करा अधिग्रहण जल्दी कराया जाए।
इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस वे
संभल तहसील के गांव सहरा, ततारपुर संदल, निबौरा, खिरनी मुजाहिद्दीनपुर, बसला, लहरशीश, बंजरपुरी, सुजातपुर, कसेरुआ, भटौला, अझरा, ईसापुर सुनवारी, बहादुरपुर उर्फ सराय, रसूलपुर धतरा, करीमपुर, चिरौली भगवंतपुर गांव और चंदौसी तहसील में गंगा एक्सप्रेस वे बल्लमपुर, किरारी, अतरासी, मिर्जापुर अख्तारा, धर्मपुर निकट ढाढोल, राजपुर, बिसारू, लहरावन, अचलपुर, मझोला, रायपुर, फत्तेहपुर समशोई, नगलिया कठेर गांव से होकर गुजरेगा।
कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसलिए शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सका है। संभल और चंदौसी में करीब 10-10 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना बाकी है। चकबंदी अधिकारियों से भी इन मामलों के निस्तारण के लिए आग्रह किया है। जिससे जल्दी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
मनोज कुमार सिंह, तहसीलदार, संभल