संभल। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अब तक जिले के 357 किसान अपनी जमीन का बैनामा यूपीडा के नाम करा चुके हैं। यूपीडा को एक्सप्रेस-वे का निर्माण करना है। जून 2021 तक उन सभी किसानों से बैनामे कराए जाने हैं जिनकी जमीन पर एक्सप्रेस वे का निर्माण होना है। अब तक जिन किसानों की जमीन के बैनामे हुए हैं उनके खाते में 74.64 करोड़ रुपये पहुंचेंगे।
चंदौसी और संभल तहसील से राजस्व प्रशासन के अधिकारियों की ओर से भुगतान के बिल बनाकर सोमवार को कोषागार भेजे जाएंगे हैं। भुगतान मंगलवार से शुरू होने के आसार हैं। चंदौसी तहसील में 138 और संभल तहसील में 219 किसानों ने जमीन के बैनामे कराए हैं। इन बैनामों से कुल 58.25 हेक्टेयर जमीन यूपीडा के नाम आ गई है। जमीन खरीदने के बदले संभल तहसील के किसानों के नाम 47 करोड़ 76 लाख दस हजार 800 रुपये और चंदौसी तहसील के किसानों के नाम 26 करोड़ 88 लाख 80 हजार 520 रुपये भेजे जा रहे हैं।
पंद्रह गांवों में बैनामे शुरू कराने के लिए यूपीडा से मांगी गई अनुमति जिले के कुल 31 गांवों की जमीनों से होकर गंगा एक्सपेस-वे गुजरना है। इन सभी गांवों के किसानों से बैनामे होने हैं। अब तक 11 गांवों में बैनामे कराए गए हैं। अब 15 गांवों के प्रस्ताव और तैयार हो गए हैं। इन प्रस्तावों को अनापत्ति के लिए यूपीडा मुख्यालय भेजा गया है। पंद्रह गांवों में संभल तहसील के ततारपुर संदल, ईसापुर सुनवारी, सुजातपुर, सहरा, बसला, रसूलपुर धतरा, निबौरा एवं करीमपुर हैं। चंदौसी तहसील के गांव बल्लमपुर, धर्मपुर निकट ढाढौल, राजपुर, ढाढौल, रायपुर कला, अतरासी और मिर्जापुर अख्तरा गांव हैं। इन गांवों से उन किसानों के बैनामे यूपीडा के नाम कराए जाएंगे, जिनकी जमीन पर एक्सप्रेस वे बनना है। इसके बदले में किसानों को सर्किल रेट का अधिकतम चार गुना भुगतान मिलेगा।