तहसील गुन्नौर क्षेत्र के दो गांवों में वन विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर पौधे रोपित किए जाएंगे। गंगा की तलहटी में इन पौधों से न केवल पर्यावरण की रक्षा की होगी। बल्कि खादर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से कटान को रोकने में मदद मिलेगी। गांव असदपुर और सुखेला में नमामि गंगे और सामाजिक वानिकी योजना के तहत वन विभाग करीब 58 हजार पौधे लगा रहा है। दस हेक्टेयर की जमीन पर नमामि गंगे परियोजना के
तहत पौधे रोपित किए जा रहे है। वहीं, 25 हेक्टेयर जमीन पर सामाजिक वानिकी योजना के तहत पौधे लगाने की तैयारी है।
इसमें पचास हजार पौधों के लिए असदपुर गांव से करीब एक किमी दूर गंगा बांध के किनारे गड्ढे खोद दिए गए है। जबकि सुखेला में साढ़े आठ हजार पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे है। वहीं, क्षेत्र में पर्यावरण को बचाने की मुहिम चला रहे पूर्व प्रधानाचार्य एक सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री योगी के द्वारा सम्मानित किए गए है।
उनकी मंशा है कि बबराला से आने-जाने वाले प्रत्येक मार्ग पर हरे-भरे वृक्ष हों। इसके लिए वह लगातार ग्रामीणों से सीधा संवाद कर रहे है। ग्रामीणों को शपथ दिलाकर पौधे लगाने के लिए जागरूक कर रहे है। वहीं, बबरला। वन विभाग की ओर से किए जा रहे पौधरोपण में क्षेत्रीय वनस्पति जैसे शीशम, जंगल जलेवी, खेर, बबूल, नीम के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिसमें वन औषधि के द्वारा में आंवला को प्रमुखता दी जाएगी। जबकि आसपास के क्षेत्र में लेमन घास लगाई जाएगी।