बहजोई। जिले के सौ से अधिक परिषदीय विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से निकल रहे दूषित पानी को बच्चे पाने को मजबूर हैं। खराब पानी पीने से बच्चों को बीमारी का खतरा बना हुआ है। अफसर हैं कि अंजान बने हुए हैं। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
जिले के 108 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें कि इंडिया मार्का हैंडपंप से पीला व बदबूदार पानी आ रहा है। इनमें विकासखंड संभल में 18 परिषदीय विद्यालयों समेत असमोली में 24, रजपुरा में 18, जुनावई में 17, बहजोई में 9, बनियाखेड़ा में 2 व विकासखंड पवांसा के 20 विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का सरकारी हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। इन विद्यालयों में करीब पांच हजार बच्चों के सामने पीने के पानी का संकट है। काफी समय बीतने के बावजूद अभी तक इन विद्यालयों में बच्चों को पीने के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं की गई है।
यह हाल तब है जबकि सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शुद्ध पानी की व्यवस्था कराए जाने को लेकर समय-समय पर पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी आए दिन बैठकों में निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन बच्चे इन विद्यालयों में दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। खास बात यह है कि बीते दिनों जिला प्रशासन की ओर से आयोजित की गई बैठक में भी परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराए जाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए थे।
परिषदीय विद्यालयों में लगे दूषित पानी वाले इंडिया मार्का सरकारी हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी समेत दूसरे उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इन विद्यालयों के बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
सचिन सक्सेना, जिला समंवयक (निर्माण), संभल