संभल। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का निरीक्षण करने के लिए नोडल अधिकारी पहुंचे। इस दौरान किसानों ने राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की शिकायत की। भूमि अधिग्रहीत के मामले में अवैध वसूली का आरोप लगाया। शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। एक किसान का आरोप है कि उसकी भूमि एक्सप्रेस-वे में ज्यादा अधिग्रहीत की जानी है लेकिन लेखपाल को सुविधा शुल्क नहीं दिया तो कम भूमि दर्शायी है।
नोडल अधिकारी ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। मंगलवार की दोपहर 12.30 बजे करीब पवांसा ब्लॉक के गांव अतरासी में शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी बीराम शास्त्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधि ग्रहीत की गई भूमि का निरीक्षण किया।
इसी दौरान कुछ किसान एकत्र होकर पहुंच गए और आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कर्मचारी भूमि की पैमाईश करते हैं तो रुपयों की मांग करते हैं। मना करने पर काम नहीं करते। गांव अतरासी निवासी छत्रपाल ने कहा कि उसकी 36 बीघा जमीन है जो अलग अलग कर दी गई। लेखपाल रुपयों की मांग करते हैं। जबकि एक ही स्थान पर भूमि होनी चाहिए थी। रामसरन यादव ने बताया कि मेरे माता पिता की जमीन गंगा एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत की गई है। जिसमें लेखपाल ने 0.044 एयर का ही बैनामा कराया है। जबकि मौके पर 0.0192 एयर जमीन गंगा एक्सप्रेस-वे में जा रही है।
पैमाइश को चकबंदी एसीओ और लेखपाल को मौके पर बुलाया था। जिसके लिए पांच हजार रुपये भी दिए थे। नोडल अधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई और किसानों को जांच कराने का आश्वासन दिया।