संभल। केंद्र सरकार की ओर से ई-श्रमिक कार्ड योजना शुरू की गई है, जो हलवाई, टेलर, राज मिस्त्री, बढ़ाई, मोटर साइकिल मिस्त्री, टायर पंक्चर आदि का कार्य करते हैं इन सभी दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों को ई-श्रमिक कार्ड दिए जाएंगे। कार्ड के बनने से श्रमिकों को जहां अपने काम की पहचान मिलेगी। वहीं बैंकों से अपने कार्य को विस्तार देने के लिए ऋण भी मिल सकेगा।
दरअसल, कोरोना संक्रमण की वजह से लगाए गए लॉकडाउन से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। गरीब श्रमिक वर्ग के लोग इससे ज्यादा प्रभावित हुए। इसी के दृष्टिगत केंद्र सरकार की ओर से श्रमिकों का डाटा एकत्रित करने का काम किया जा रहा है। पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर अब असंगठित श्रमिकों के यूनिक श्रमिक कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस कार्ड से उन्हें रोजगार की तलाश में आसानी होगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में यह कार्ड मदद करेगा। संभल जनपद में ई-श्रमिक कार्ड योजना के तहत करीब पांच लाख ई-श्रमिक कार्ड बनने हैं। अभी तक करीब 28000 ही ई-श्रमिक कार्ड बन पाए हैं। ई-श्रमिक कार्ड बनने का काम अभी जारी है।
ऐसे बनेगा ई-श्रमिक कार्ड
पात्र अपने नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर ई-श्रमिक कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए मजदूरों को आधार कार्ड, बैंक पास बुक और मोबाइल नंबर लेकर जाना होगा। इसके बाद संचालक मोबाइल के ओटीपी, बॉयोमेट्रिक और आंखों के स्कैन के बाद श्रमिक कार्ड मिल जाएगा। इसके लिए पात्रों को कोई शुल्क नहीं देना है। कार्ज के तहत निशुल्क दुर्घटना बीमा का भी लाभ मिल सकेगा।
जिले में 400 सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से ई-श्रमिक कार्ड बनवाएं जा रहे हैं। पांच लाख के करीब ई-श्रमिक कार्ड बनने हैं। अभी तक 28000 बन पाए हैं। कार्ड बनने की प्रक्रिया जारी है। जिनके पास श्रमिक कार्ड है वह भी अपना ई-श्रमिक कार्ड बनवा लें। ताकि भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत न हो।
रोहित सिमसन, जिला प्रबंधक सीएचसी