पत्नी के साथ विवाद में आपा खोए एक शख्स ने डेढ़ साल की बेटी को जमीन पर पटक दिया। इलाज की कोशिशों के बीच बच्ची की मौत हो गई। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
बदायूं के फैजगंज बेहटा थानांतर्गत गांव दामरी निवासी आरती ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि चार साल पहले उसकी शादी संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव हिंडौली निवासी सतपाल सिंह के साथ हुई थी। सतपाल मजदूरी करता है। आरती के मुताबिक 15 दिन पहले पति से विवाद हो जाने पर वह मायके चली गई थी।
शुक्रवार को पति सतपाल की मौसी की बेटी की शादी का कार्यक्रम संभल के नखासा थाना क्षेत्र के गांव भदरौला में था। वह इस शादी में अपनी डेढ़ साल की बेटी सारिका के साथ शामिल होने आई थी। इस कार्यक्रम में पति सतपाल भी आया था। आरती के मुताबिक सामना होते ही सतपाल ने उससे घर चलने की जिद की। ससुराल जाने से मना करने पर गुस्साए सतपाल ने उसकी गोद में मौजूद मासूम सारिका को छीन लिया और जमीन पर पटक दिया। सिर में गंभीर चोट आने पर सारिका को संभल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर शुक्रवार को उसे बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
बेटी की मौत की जानकारी मिलते ही आरती बेसुध हो गई। शनिवार को तबीयत कुछ ठीक होने पर उसने बेटी की मौत के लिए पति को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने सतपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। नखासा थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपी भागा हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है।
गुस्से में खोया आपा, बाद में पछताया
रिश्तेदारों के मुताबिक मजदूरी से जीवनयापन करने वाला सतपाल अपनी डेढ़ साल की बेटी सारिका से खासा लगाव रखता था। वह अक्सर उसे घुमाने-फिराने अपने साथ ले जाता था। पत्नी से विवाद में आपा खोकर उसने ऐसा कदम उठा लिया, जो बेटी के लिए जानलेवा साबित हुआ।
रिश्तेदारों का कहना है कि बेटी की हालत गंभीर होने की जानकारी पर वह संभल के अस्पताल में पहुंचा और वहां तीन हजार रुपये इलाज के लिए देकर और रकम का इंतजाम करने की बात कहते हुए चला गया। पैसा एकत्रित करने के दौरान उसकी बातों में अपने किए पर पछतावे का भाव था। बाद में जब बेटी की मौत हो जाने की जानकारी मिली तो वह भाग गया।