जुनावई में बदायूं-मेरठ स्टेट हाईवे पर हुए हादसे ने एक परिवार पर बिजली गिरा दी। बच्चे के मुंडन के बाद खुशियां मनाते हुए घर लौट रहे परिवार ने हादसे में न सिर्फ मुंडन के बाद मां के साथ बैठे बेटे शिवांश को खो दिया बल्कि बेटी राधिका भी अपनों से हमेशा के लिए दूर हो गई।
बरेली के पल्था गांव निवासी प्रकाश सिंह को बेटे शिवांश के मुंडन के बाद रिश्तेदारों से बधाई संदेश मिल रहे थे कि इसी बीच बेकाबू कैप्सूल ने न सिर्फ मैक्स सवार परिवार की खुशियों को रौंद दिया बल्कि प्रकाश के घर का चिराग (शिवांश) हमेशा के लिए बुझा दिया। हादसे में प्रकाश की दस वर्षीय बेटी राधिका की भी जान चली गई। मौके से लेकर अस्पताल तक चीत्कार गूंजती रही।
प्रकाश के भाई श्याम ने बताया कि भैया के तीन बेटी राधिका (10), मंजू (8), नन्हीं (6) के बाद बेटे शिवांश का जन्म हुआ था। तीन साल की उम्र होने पर उसका मुंडन कराया था। श्याम के मुताबिक तीन माह पूर्व भाभी बंटी (प्रकाश की पत्नी) ने एक और बेटे को जन्म दिया था लेकिन वह मृत पैदा हुआ था। इसके बाद से गमगीन परिवार में शिवांश के मुंडन संस्कार के बहाने खुशियों की लहर आई थी लेकिन बेकाबू कैप्सूल ने सारी खुशियां रौंद दीं।
हादसे में प्रकाश व उनकी पत्नी बंटी भी घायल हुए हैं। दोनों का उपचार मुरादाबाद जिला अस्पताल में चल रहा है। बंटी को बेटे और बेटी की मौत की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
हादसे में दो बच्चों की मौत की सूचना है। आरोपी कैप्सूल चालक फरार है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अभी पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर नहीं मिली है। - राकेश कुमार, सीओ, गुन्नौर (संभल)
हादसे में ये हुए घायल
प्रकाश सिंह (38) पुत्र माधोराम, प्रकाश सिंह की पत्नी बंटी (35), प्रकाश सिंह के भाई अर्जुन (28) और शिवा (19), अर्जुन की पत्नी मालती (27), शकुंतला (35) पत्नी लेखराज, अनीता (15) पुत्री लेखराज, सीमा (25) पत्नी बिशननाथ, घायल हुए हैं। जुनावई सीएचसी से रेफर प्रकाश सिंह, बंटी, शकुंतला, अर्जुन, मालती, अनीता का मुरादाबाद में उपचार चल रहा है।