सहारनपुर। जिले के योगाचार्य विदेशों तक में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। वह न सिर्फ नाम कमा रहे हैं, बल्कि अपने करियर को नई दिशा देने के साथ ही देश का नाम भी ऊंचा कर रहे हैं। ये योग की क्रियाओं के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करने के साथ ही संयमित जीवन जीने की सीख दे रहे हैं।
योग का कर रहे देश भर में प्रचार
देवबंद के गांव फलौदा रहमतपुर निवासी योग में नेट क्वालीफाई कर चुके सचिन कपिल देश भर में घूम घूम कर योग के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। वे बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा उत्तराखंड में योग का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। योग प्रशिक्षक सचिन आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय योग एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य हैं।
दुबई में पांच साल से योग का प्रशिक्षण दे रहे भाई-बहन
गागलहेड़ी निवासी सगे भाई बहन प्रशांत और आयुषी गुप्ता दुबई में पिछले पांच वर्षों से योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशांत योगायुर्वेदम नाम से अपनी संस्था बनाकर 25 से अधिक देशों के नागरिकों को योग प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशांत ने स्नातक शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य विज्ञान व योग, बीपीएड, परास्नातक शिक्षा व योग, परास्नातक डिप्लोमा देव संस्कृति विश्वविद्यालय से योग मानव चेतना व वैकल्पिक चिकित्सा में किया है। दुबई में योग प्रशिक्षण दे रहे प्रशांत गुप्ता यूएई के सबसे बड़े ग्रुप में से एक अल फुततेम के साथ तीन साल से जुड़े हैं। इसके साथ दुबई पुलिस, दुबई फिटनेस चैलेंज, कोरोना मरीजों, जिम, मनोविकार से ग्रस्त बच्चों के साथ तथा फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के साथ जुड़े हैं। आयुषी ने स्नातक गृह विज्ञान, परा स्नातक गृह विज्ञान ह्यूमन डेवलपमेंट, परा स्नातक डिप्लोमा देव संस्कृति से योग मानव चेतना व वैकल्पिक चिकित्सा में किया है। वह साधकों को स्वस्थ शरीर के लिए हठ योगा, आष्टांग योगा, विन्यासा फ्लो, यिन योगा, प्राणायाम व ध्यान आदि कराती हैं। डिप्लोमा के बाद दुबई पहुंची आयुषी पिछले पांच वर्षों से स्थानीय व विभिन्न देशों के नागरिकों को योग प्रशिक्षण दे रही है।
वियतनाम में योग सिखा रहे अमरीश शास्त्री
चिलकाना के गांव उगरपुर निवासी योगाचार्य अमरीश शास्त्री पिछले आठ वर्षों से वियतनाम की राजधानी हनोई के शहर थाई बिन सिटी में ओमान नामक कॉलेज में योग शिक्षक के तौर पर छात्रों को योग सिखा रहे हैं। अमरीश शास्त्री को दो बार अपने कॉलेज से बेस्ट योग शिक्षक का पुरस्कार भी मिल चुका है। योगाचार्य अमरीश शास्त्री के भाई अरविंद शास्त्री ने बताया कि महर्षि दयानंद गुरुकुल से योग की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनका भाई अमरीश शास्त्री योग में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। उसके द्वारा प्रशिक्षित दर्जनों योग छात्र देश-विदेश के अनेक शहरों में योग की शिक्षा दे रहे हैं।
सिंगापुर में योग शिक्षक हैं विकास
गांव उगरपुर का ही विकास अहलूवालिया सिंगापुर में योगा लाइफ फिटनेस क्लब में पिछले चार वर्ष से योग शिक्षक के रूप में तैनात है। अमरीश शास्त्री का मानना है कि मनुष्य को योग को अपनी दिनचर्या का एक हिस्सा बनाना चाहिए। योग करने से जहां मन पवित्र रहता है, वहीं शरीर निरोगी रहता है।
25 वर्षों से निशुल्क योग सिखा रहीं मालती गुप्ता
गंगोह निवासी मालती गुप्ता (73) ने करीब तीस वर्ष पूर्व अपने पैरों में दिक्कत होने के बाद योग क्रिया आरंभ की थी। योग से आराम मिलने पर उन्होंने योग को सेवा का माध्यम बना लिया। भारतीय योग संस्थान दिल्ली से जुड़कर वह पिछले 25 वर्षों से नियमित रूप से निशुल्क योग क्लास ले रही हैं। मालती गुप्ता ने बताया कि पहले सराफा बाजार स्थित धर्मशाला में क्लास लगाई जाती थी परंतु जगह कम पड़ने पर वर्ष 2002 में विवेकानंद स्कूल में छत पर शेड लगवाकर योग क्लास के लिए जगह की व्यवस्था की गई। उन्हें इसमें उनके पति श्रीकांत गुप्ता का भी भरपूर सहयोग मिला। वर्ष 2017 में पति की मृत्यु हो गई, लेकिन इसके बाद भी योग के प्रति उनकी लगन कम नहीं हुई और उन्होंने अपनी योग सेवा निरंतर जारी रखी।
अमरीश- फोटो : SAHARANPUR
युषी गुप्ता- फोटो : SAHARANPUR
सचिन कपिल- फोटो : SAHARANPUR
योग शिक्षिका मालती गुप्ता- फोटो : SAHARANPUR