कोच राजीव गोयल ने बताया मोहम्मद अमान ने क्रिकेट का प्रशिक्षण 2014 से शुरू किया। वह पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में जाते थे, लेकिन 2018 में वह एसबीबीए एकेडमी पहुंचे। तभी से वह अमान को जानते हैं। बताया कि कोरोना में मां साहिबा का निधन होने के बाद वह काफी टूट चुके थे, लेकिन पिता थे तो उन्होंने उन्हें संभाल लिया।
वर्ष 2022 में अचानक पिता का देहांत हो गया। पिता की मौत ने मोहम्मद अमान को झकझोर दिया। दो भाई और दो बहनों की जिम्मेदारी अचानक से अमान(16) के कंधों पर आ पड़ी। कोच बताते हैं कि कई दिन तक एकेडमी नहीं आने के बाद एक दिन अमान उनके पास पहुंचे और कहने लगे कि अब वह आगे क्रिकेट जारी नहीं रख पाएगा।
अमान ने कोच के सामने किसी कपड़े की दुकान पर काम दिलाने की पेशकश रखी। लेकिन चूंकि कोच अमान की प्रतिभा से वाकिफ थे तो उन्होंने अमान को क्रिकेट जारी रखने के लिए कहा। साथ ही एकेडमी में प्रशिक्षु के साथ ही प्रशिक्षक के तौर पर काम करने की सलाह दी।
कोच ने अमान से कहा कि आप जूनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना। उसके बदले में एकेडमी आपकी आर्थिक मदद करेगी। साथ ही सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एकेडमी के चेयरमैन मोहम्मद अकरम ने अमान को क्रिकेट के सामान की कमी नहीं होने देने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद अमान क्रिकेट को जारी रखने के लिए राजी हो गए।
बकौल मोहम्मद अमान तब से मोहम्मद अकरम लगातार उनको क्रिकेट के सामान के साथ ही अन्य तरह से भी सहयोग करते आ रहे हैं। कोच राजीव गोयल भी उनके लिए हर समय तैयार रहे।