दीवानी कचहरी में चुनाव पर चर्चा करते अधिवक्ता
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सहारनपुर। चुनावी मौसम में दो चार लोग बैठे हो और चुनाव की चर्चा ना हो, ऐसा संभव नहीं है। सोमवार को अमर उजाला टीम दीवानी कचहरी परिसर में पहुंची तो समूह में बैठे अधिवक्ताओं के मध्य चुनाव ही चर्चा का विषय था। अधिवक्ता चुनाव के मुद्दे, आगामी सरकार, वर्तमान सरकार की कामयाबी-नाकामयाबी, महंगाई, किसान सांप्रदायिकता, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था आदि पर ही चर्चा कर रहे थे।
समूह में बैठे अधिवक्ता अशोक पुंडीर कहते है कि इस बार चुनाव में राष्ट्रीयता और देशहित के नाम पर लोगों ने वोट दिया। जिस पर राजीव त्यागी बोले, राष्ट्र हित और देश हित हर भारतीय के दिल में बसा हुआ है किंतु एक पार्टी के ढिंढोरा पीटने से वोटर भ्रमित नहीं होता। प्रदीप त्यागी, अरविंद शर्मा ने अशोक पुंडीर की बात का समर्थन करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के हर निर्णय में जनहित ही सर्वोपरि है। उसका जवाब देते हुए राकेश कंबोज बोले, वर्तमान सरकार ने भेदभाव की राजनीति की है। चुनाव को भी सांप्रदायिकता का रूप देने की कोशिश की। इस पर राजेश भारद्वाज बोले, सूबे की भाजपा सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखा, जिसकी वजह से हर वर्ग ने सरकार के पक्ष में वोट किया है। अमित चौधरी और देव कुमार उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने खुलकर हिंदू हित की बात की है तो उसे संप्रदायिकता बताया जा रहा है। रजनीश चौधरी और संदीप पुंडीर का कहना था पहले की सरकार सिर्फ एक वर्ग विशेष का ध्यान रखती थी, किंतु वर्तमान सरकार ने हर वर्ग को मौका दिया है।
सूर्य प्रकाश शर्मा, महरउद्दीन ने कहा कि प्रदेश में पिछले पांच साल में बेरोजगारी, आर्थिक समस्या, किसानों की समस्या बढ़ी है, वह भी एक मुद्दा है जो लोगों के दिलों में था और इस चुनाव में जब ईवीएम खुलेंगी तो सारे समीकरण गड़बड़ा जाएंगे। नोनिश कुमार, अनिल सैनी ने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार किसानों का भला नहीं कर सकी, गन्ना भुगतान भी समय पर नहीं मिला, जिस कारण किसानों ने सरकार के खिलाफ वोट किया है। इस पर अभय अग्रवाल और मोहित उपाध्याय ने कहा कि हर वर्ग का वोट वर्तमान सरकार को गया है, किसान भी इसमें शामिल है, चाहे वो कम हो। अभय सैनी ने मत प्रतिशत बढ़ने की बात कहते हुए राजनीतिक दलों के समीकरण गड़बड़ होने की बात कही। संयोग सैनी ने बेतहाशा महंगाई , मध्यम तबके को रोजी-रोटी के लाले पड़ना ,रोजगार खत्म होना युवाओं के अंधकार में भविष्य को भी चुनाव का एक मुख्य मुद्दा बताते हुए प्रदेश में वर्तमान सरकार की विदाई का प्रमुख कारण बनने की बात कही। चाय के साथ ही अधिवक्ताओं की चर्चा समाप्त हुई।