कोविड वैक्सीन ने बचाई मरीजों की जान
डीएवी हाईस्कूल के संस्थापक देशबंधु शर्मा का मानना है कि कोविड वैक्सीन एक व्यापक सुरक्षा कवच है, जिसने नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीसरी लहर कब आई और कब गई पता ही नहीं चला।
कोरोना से लड़ने की ढाल है टीका
समाजसेवी हाजी मसूद अहमद का कहना है कि वैक्सीन से एक ओर जहां शरीर को कोरोना से लड़ने की ताकत दी, वहीं मन में एक विश्वास भी दिया, जो सबसे महत्वपूर्ण है। कोविड टीका कोरोना से बचाव की ढाल है।
टीके ने सुरक्षित की जिंदगी
प्रशांत कुमार सैनी कहते हैं कि टीकाकरण तीसरी लहर के बावजूद सुरक्षित है। टीका लगने के बाद उन्होंने खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस किया है।
जिंदगी की सुरक्षा के लिए जरूरी है टीका
बेहड़ा संदलसिंह निवासी अजय पुंडीर का कहना है कि जिंदगी की सुरक्षा के लिए वैक्सीन जरुरी है। वह कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। वह ज्यादातर समय घर से बाहर और लोगों के बीच रहते हैं।
खुद तो लगवाया ही दूसरों को भी प्रेरित किया
फतेहपुर भादो निवासी कारी रिहान वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। उन्होंने खुद तो टीका लगवाया ही अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। टीका लगने के बाद शरीर में और ऊर्जा महसूस हुई।
पोलियो अभियान से 12 से 14 आयु वालों की टीकाकरण प्रभावित
12 से 14 आयु वर्ग के 1,46,835 बच्चों और किशोरों को टीका लगाया जाना है। टीकाकरण 16 मार्च 2022 से शुरू किया गया है, लेकिन इसी बीच 20 से 28 मार्च तक पल्स पोलियो अभियान शुरू कर दिया गया, जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पल्स पोलियो अभियान में लगा दिया गया।
जिले भर में शून्य से पांच वर्ष की आयु के 6.20 लाख बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जानी थी। ऐसे में 12 से 14 वर्ष की आयु वालों का कोविड टीकाकरण प्रभावित हुआ। विभाग अब 12 से 14 आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण को गति देने में जुट गया है।