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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: वैक्सीन ने तन के साथ ही मन में भी किया बूस्टर का काम

Tue, 29 Mar 2022 11:33 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
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हाजी मसूद अहमद - फोटो : SAHARANPUR
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कोविड वैक्सीन ने एक ओर जहां लोगों के तन में एंटीबॉडी बनाने का काम किया है, वहीं टीका लगने के बाद लोगों के मन भी मजबूत हुए हैं। यानी एक विश्वास जगा कि टीका लग चुका है तो अब कोरोना उनको नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। इसी सकारात्मकता ने भी कोरोना से लड़ने के लिए लोगों को बल दिया है। टीका लगवाने वाले लोगों का यह भी मानना है कि टीके ने कोरोना से बचाव के लिए ढाल का काम किया है। इसीलिए कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमित होने के बावजूद मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो गए।

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में कोरोना की पहली लहर मार्च 2020 में आई थी। जनपद में करीब 11 हजार लोग संक्रमित आए थे और 37 मरीजों की जान चली गई थी। दूसरी लहर फरवरी 2021 में आई उसने कहर बरपाया था। करीब 22 हजार लोग संक्रमित हुए थे और 400 से अधिक लोगों की जान गई थी।

दूसरी लहर के आने से पहले 16 जनवरी 2021 को कोविड टीकाकरण शुरू करा दिया गया था। लेकिन शुरुआत में टीके को लेकर लोगों में ज्यादा जागरुकता नहीं होने और टीका लगने के बाद बॉडी में एंटीबॉडी बनने में समय लगने की दूसरी लहर के नुकसान को रोका नहीं जा सका था, लेकिन दूसरी लहर के बाद टीकाकरण में तेजी आई।
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तीसरी लहर तक ज्यादातर लोग टीका लगवा चुके थे, जिसका नतीजा यह हुआ कि तीसरी लहर कब आई और कब चली गई पता ही नहीं चला। हालांकि तीसरी लहर में छह हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए, लेकिन किसी की जान नहीं गई। सबसे खास बात मरीज घर पर ही ठीक हुए। लोगों का मानना है कि कोविड टीके के कारण ही तीसरी लहर ज्यादा नुकसान नहीं कर सकी है।

टीका लगवाने वाले लोगों की बात, शत-प्रतिशत प्रभावी है कोविड टीका
नागरिक मौलिक अधिकार मंच के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह का कहना है कि कोविड वैक्सीन शत-प्रतिशत प्रभावी रही है। ऐसे में सभी को यह टीका लगवाना चाहिए।

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कोविड वैक्सीन ने बचाई मरीजों की जान
डीएवी हाईस्कूल के संस्थापक देशबंधु शर्मा का मानना है कि कोविड वैक्सीन एक व्यापक सुरक्षा कवच है, जिसने नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीसरी लहर कब आई और कब गई पता ही नहीं चला।

कोरोना से लड़ने की ढाल है टीका
समाजसेवी हाजी मसूद अहमद का कहना है कि वैक्सीन से एक ओर जहां शरीर को कोरोना से लड़ने की ताकत दी, वहीं मन में एक विश्वास भी दिया, जो सबसे महत्वपूर्ण है। कोविड टीका कोरोना से बचाव की ढाल है।

टीके ने सुरक्षित की जिंदगी
प्रशांत कुमार सैनी कहते हैं कि टीकाकरण तीसरी लहर के बावजूद सुरक्षित है। टीका लगने के बाद उन्होंने खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस किया है।

जिंदगी की सुरक्षा के लिए जरूरी है टीका
बेहड़ा संदलसिंह निवासी अजय पुंडीर का कहना है कि जिंदगी की सुरक्षा के लिए वैक्सीन जरुरी है। वह कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। वह ज्यादातर समय घर से बाहर और लोगों के बीच रहते हैं।

खुद तो लगवाया ही दूसरों को भी प्रेरित किया
फतेहपुर भादो निवासी कारी रिहान वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। उन्होंने खुद तो टीका लगवाया ही अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। टीका लगने के बाद शरीर में और ऊर्जा महसूस हुई।

पोलियो अभियान से 12 से 14 आयु वालों की टीकाकरण प्रभावित
12 से 14 आयु वर्ग के 1,46,835 बच्चों और किशोरों को टीका लगाया जाना है। टीकाकरण 16 मार्च 2022 से शुरू किया गया है, लेकिन इसी बीच 20 से 28 मार्च तक पल्स पोलियो अभियान शुरू कर दिया गया, जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पल्स पोलियो अभियान में लगा दिया गया।

जिले भर में शून्य से पांच वर्ष की आयु के 6.20 लाख बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जानी थी। ऐसे में 12 से 14 वर्ष की आयु वालों का कोविड टीकाकरण प्रभावित हुआ। विभाग अब 12 से 14 आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण को गति देने में जुट गया है।
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