देवबंद में सांड की तेरहवीं का आयोजन किया गया।
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सहारनपुर के देवबंद के कुरड़ी गांव में सांड की मौत के बाद उसकी आत्मिक शांति के लिए हवन यज्ञ शांति पाठ व ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। सांड की पूरे विधि विधान से तेरहवीं कर उसके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भगवान से उसकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की गई।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 18 साल पूर्व एक सांड कुरड़ी गांव में आया था। जिसे प्यार से गांव वाले बाबूजी कहते थे। सांड आक्रामक न होकर इतना भोला था कि बच्चे व बड़े उसकी सवारी तक करते थे। कुछ दिन पहले सांड की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने सांड के शव को विधि विधान के साथ जमीन में दफनाया।
वहीं शनिवार को उसकी तेरहवीं का आयोजन किया गया। तेरहवीं में भोजन में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का प्रसाद बनाकर बांटा गया। पंडित नरेश कुमार ने हवन यज्ञ संपन्न कराया। श्रद्धाजंलि सभा में राजीव प्रधान, राजेंद्र प्रधान, रणधीर, बिजेंद्र, भोला, हरिप्रकाश, रूपचंद, ओमदत्त, विनोद प्रधान, डॉ. हीरा, मदन, गुड्डू, गीताराम, मिथुन, सुधीर, मांगा, राकेश व अशोक आदि रहे।