इसी जगह रुके थे आतंकी
सीओ ने बताया कि मोहसिन उर्फ राजा 2006 पहले भी अवैध हथियारों के साथ जेल जा चुका है, जिस जगह से हथियारों की फैक्टरी पकड़ी गई। उसी जगह के बराबर में 1994 में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाया था। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर ध्रुवलाल यादव शहीद हो गए थे।
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कई जिलों में करते थे सप्लाई
आरोपी हथियार तैयार कर मुजफ्फरनगर, शामली, कैराना और सहारनपुर के कई इलाकों में सप्लाई करते थे। तमंचा पांच से छह हजार और बंदूक 10 से 12 हजार रुपये में बेचते थे। इस गिरोह कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।