डॉ. भीमराव आंबेडकर समिति द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर समिति की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार उधम सिंह की 122वीं जयंती रविवार को देहरादून रोड स्थित आंबेडकर चौराहे पर मनाई गई। महापौर संजीव वालिया समेत उपस्थित लोगों ने उधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उधम सिंह देश में सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे।
महापौर ने कहा कि उन्होंने अपना नाम बदलकर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था। यह तीन धर्मों से संबंध रखता था। बचपन में ही माता-पिता के निधन के कारण वे अनाथ आश्रम में पले-बढे़। देश को आजाद कराने की ललक उनके मन में बचपन से थी। उन्होंने क्रांतिकारियों के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी। वह जलियांवाला बाग कांड के प्रत्यक्षदर्शी थे। उस सामूहिक नरसंहार ने उनके मन पर ऐसा प्रभाव डाला कि उन्होंने हत्याकांड के 21 साल बाद लंदन जाकर नरसंहार के दोषी अंग्रेज जनरल डायर को गोलियाें से भून डाला।
महापौर ने कहा कि उधम सिंह की गिनती आजादी के महानायकों में की जाती है। कार्यक्रम में पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र धवन, समिति संरक्षक नरेश चंद्रा, समिति अध्यक्ष अतर सिंह गौतम, सचिव इलम सिंह, उपाध्यक्ष रामपाल गौतम, प्रबंधक भोपाल सिंह गौतम, मोहर सिंह, रविपाल गौतम, योगेश कुमार, शंभू सिंह, सुरेंद्र फौजी, विनोद गौतम, प्रदीप गौतम आदि मौजूद रहे।
उधम सिंह की जयंती मनाई
सहारनपुर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से महान क्रांतिकारी उधम सिंह की जयंती मनाई गई। मंडल कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गौतम प्रधान ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ उधम सिंह के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। जिला मीडिया प्रभारी टिंकू कपिल ने उधम सिंह के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उधम सिंह ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेकर देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कपिल ने कहा कि उधम सिंह के योगदान को देश भुला नहीं सकेगा। कार्यक्रम में जिला महासचिव रवींद्र गुर्जर, काशी मौर्य, महिपाल सैनी, शाहरुख मलिक, मोनू सहजवा, प्रशांत आदि मौजूद रहे। संवाद