सहारनपुर में कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों और किशोरों को संक्रमण से बचाने के लिए इस बार अलग से दवाओं की व्यवस्था शासन स्तर से की गई है। खास बात यह है कि जनपद में यह दवाएं जून 2021 से उपलब्ध हैं, जो मोहल्ला निगरानी समितियों के पास सुरक्षित हैं। जरूरत पड़ने पर बच्चों को उक्त दवाएं उपलब्ध कराएंगी।
जनपद में जून में बच्चों के लिए दवाओं की 23,850 किट आ गई थी। इलाज के लिए बच्चों और किशोरों के चार अलग-अलग आयु वर्ग निर्धारित किए गए हैं। पहला वर्ग जीरो यानी नवजात से 12 माह, दूसरा वर्ग एक से पांच वर्ष, तीसरा वर्ग छह से 12 वर्ष तथा चौथा वर्ग 13 से 18 वर्ष के आयु वालों का है।
दवा की किट भी आयु वर्ग के हिसाब से अलग-अलग बनाई गई हैं। किशोरों के लिए टैबलेट्स दी गई हैं, जबकि अलग-अलग आयु वर्ग के लिए अलग-अलग तैयार की गई हैं। दवाएं जिला स्तर से जून माह में ही ब्लॉक स्तर पर वितरित की दी गई थी, जहां से किटों का वितरण मोहल्ला निगरानी समितियों को किया गया है। तमाम किट निगरानी समितियों के पास सुरक्षित हैं।
अलग आयु वर्ग की किट की संख्या
जीरो से 12 माह-----4,770 बड़ों के लिए 19,080 किट उपलब्ध
एक से पांच वर्ष-----4,770
छह से 12 वर्ष-------4,770
13 से 18 वर्ष--------9,540
कुल किट------------23,850
आयु वर्ग और किट में शामिल दवाएं
-शून्य से 12 माह के लिए पैरासिटामॉल सिरप, मल्टी विटामिन ड्रॉप और ओआरएस पैकेट।
-एक से पांच वर्ष के लिए पैरासिटामॉल सिरप, मल्टी विटामिन ड्रॉप और ओआरएस पैकेट।
-छह से 12 वर्ष पैरासिटामॉल 500 सिरप, मल्टीविटामिन टैबलेट, आइवरमैक्टिन 06 टैबलेट और ओआरएस पैकेट।
-13 से 18 वर्ष पैरासिटामॉल 650, आइवरमैक्टिन 12, एजीथ्रोमाइसिन 500, एसकॉर्बिक एसिड 500, बीकॉम्प्लेक्स और विटामिन डी 360।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए दवाओं के मामले में विभाग एडवांस में काम कर रहा है। नवंबर माह में सभी ब्लॉकों में कोरोना की दवाएं भेजी जा चुकी हैं। जिले भर में ग्राम स्तर पर 954 निगरानी समितियां पहले से बनी हैं। प्रत्येक समिति को 20-20 किट भेजी गई हैं। विभाग ने ब्लॉक स्तर पर दवाएं भेजी हैं, जहां से समितियों को दवाओं का वितरण किया जा रहा है। सहारनपुर शहर में 70, नकुड़ में 85, सरसावा में 103, रामपुर मनिहारान में 54, देवबंद में 64, मुजफ्फराबाद में 98, नागल में 74, बलियाखेड़ी में 75, गंगोह में 98, नानौता में 56, पुवांरका में 93 और साढ़ौली कदीम में 84 समितियां हैं।
किट में दवाएं
प्रत्येक किट में सात प्रकार की टैबलेट दी जाती हैं, जिनमें पैरासिटामॉल-600 मिलीग्राम, एजिथ्रोमाइसिन-600 मिलीग्राम, आइवर मैक्टिन-500 मिलीग्राम, विटामिन-सी-500 मिलीग्राम, बी-कॉम्पलेक्स, मल्टीविटामिन तथा विटामिन-डी की गोलियां शामिल हैं।
बाजार से गायब हुआ रेमडेसिविर इंजेक्शन
कोरोना की दूसरी लहर में जिस रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर मारामारी थी। करीब ढाई हजार रुपये कीमत के इंजेक्शन के लिए लोग दो लाख रुपये तक चुकाने को तैयार थे। वह इंजेक्शन मांग नहीं होने की वजह से बाजारों से गायब है। ड्रग इंस्पेक्टर संदीप चौधरी ने बताया कि इंजेक्शन की एक्सपायरी तीन माह की है। फिलहाल मांग भी नहीं है। ऐसे में बाजार में किसी भी दुकान पर इंजेक्शन नहीं है। मगर जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन मंगाया जा सकता है। उधर, चिकित्सा विभाग के पास पयाप्त मात्रा में रेमडेसिविर उपलब्ध हैं।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने केे पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें बच्चों के लिए अलग से किट आई हैं वह भी अलग-अलग आयु वर्ग के लिए। दवाओं का वितरण निगरानी समितियों को किया जा चुका है। इसके अलावा रेमडेसिविर इंजेक्शन विभाग के पास पयाप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
-डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
बाल कोविड मरीजों के लिए दवा किट।- फोटो : SAHARANPUR
सीएचसी सरसावा में रखी कोरोना दवाओं की किट।- फोटो : SAHARANPUR