पंजाब में किसान आंदोलन के चलते ट्रेनों का संचालन बेपटरी हो गया है। रविवार को जनशताब्दी सहित सात ट्रेनों के पहिये नहीं घूमे, जबकि छह ट्रेनों ने यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर इंतजार कराया। ट्रेनों के निरस्तीकरण से रेलवे को प्रतिदिन पांच लाख रुपये से अधिक का राजस्व घाटा हो रहा।
पंजाब के शंभू में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठने से ट्रेनों की समयसारिणी गड़बड़ा गई है। 17 अप्रैल को दोपहर बाद किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे थे, उसके बाद से रेलवे को आनन-फानन में ट्रेनों को निरस्त करना पड़ रहा है या फिर उनके रूट बदलने पड़ रहे। यह सिलसिला रविवार को भी जारी रहा।