सहारनपुर। रेलवे का पुराना रिकार्ड रद्दी के रूप में चोरी छिपे बेचने के मामले में तीन कर्मचारी पकड़े गए हैं। इनसे पूछताछ चल रही है। आरोपियों ने रेलवे अधिकारियों की अनुमति के बगैर ही पुराना रिकार्ड कबाड़ी को बेच दिया था। बृहस्पतिवार को आरपीएफ (रेलवे पुलिस बल) के अधिकारी इस प्रकरण का खुलासा करेंगे।
दरअसल, मंगलवार देर शाम आरपीएफ को सूचना मिली रेलवे का 10 साल पुराना रिकार्ड एक कबाड़ी को बेचा जा रहा है। इसके बाद आरपीएफ ने पीछा करके कबाड़ी को अंबाला रोड से पकड़ा। आरोपी कबाड़ी के रेहड़े में तीन बोरे पुराना रिकार्ड भरा हुआ था। उससे पूछताछ कर छानबीन की गई कि रिकार्ड किस कर्मचारी ने बेचा है। चूंकि रेलवे का पुराना रिकार्ड नष्ट करने या बेचने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेनी होती है, लेकिन इस रिकार्ड को बेचने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इस कारण आरपीएफ ने गहनता से छानबीन की। इसके बाद पार्सल स्टाफ के तीन कर्मचारियों को भी पकड़ा गया। बुधवार को उनसे पूछताछ चलती रही। आरोपी तीनों कर्मचारियों को बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र, राकेश और राजीव शामिल हैं।
आरपीएफ थाना प्रभारी नवीन कुमार का कहना है कि मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। अभी तक की जांच में पता चला है कि रिकार्ड को बगैर किसी अधिकारी की अनुमति के कबाड़ी को बेचा गया। उन्होंने बताया कि मामले में बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता की जाएगी।