सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में स्थापित हीमो डायलिसिस यूनिट गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। चिकित्साधिकारियों का दावा है कि यूनिट शहर की किसी भी प्राइवेट यूनिट से बेहतर कार्य कर रही है। चार साल में 33 हजार से अधिक डायलिसिस किया जाना यूनिट की महत्ता को बताता है।
हीमो डायलिसिस यूनिट में वर्तमान में 11 मशीनें लगी हैं, जिनसे प्रतिदिन 33 मरीजों की डायलिसिस की जा सकती हैै। वर्तमान में 65 मरीजों की डायलिसिस यूनिट में नियमित रूप से चल रही है। यूनिट की स्थापना 19 अगस्त 2017 में की गई थी। तब से अब तक 33 हजार डायलिसिस सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यूनिट के मैनेजर मोहित ने बताया कि समय-समय पर मरीजों की जरूरत के हिसाब से प्राइवेट चिकित्सकों को भी बुलाया जाता है। इसके अलावा शहर के बड़े नेफ्रोलॉजिस्ट यूनिट को फ्री सेवा देते हैं। मोहित ने बताया कि अस्पताल में किडनी मरीजों को बिना किसी फीस के परामर्श से लेकर सभी जांच, जरूरी दवाएं और जरूरत पड़ने पर डायलिसिस आदि सब नि:शुल्क है।
एक और मशीन का अप्रूवल मिला
यूनिट के लिए एक और मशीन का अप्रूवल मिल चुका है। मोहित का कहना है कि यदि डायलिसिस के लिए मरीजों की संख्या बढ़ती है। यानी 65 से अधिक होती है तो मशीन मंगाई जा सकती है। चूंकि अभी ऐसी स्थिति नहीं है। इसलिए वह मशीन नहीं मंगवा रहे हैं।
हीमोडायलिसिस यूनिट बेहतरीन कार्य कर रही है। सबसे खास बात यह है कि जो लोग गरीबी के कारण बिना डायलिसिस के असमय जान गंवा देते थे। वह हीमोडायलिसिस यूनिट में इलाज पाकर लंबे समय तक जी पा रहे हैं।
डॉ. आभा वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।