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दागी को बनाया चिकित्सा प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष

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सहारनपुर। समाजवादी पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा को बनाया गया है, इसको लेकर राजनीतिक लोगों में चर्चा बनी हुई है। क्योंकि राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा को पुलिस ने 2019 में फर्जी डिग्री के आधार पर नर्सिंग होम चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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राजेश शर्मा को गत 28 जुलाई को ही सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नगर विधायक संजय गर्ग ने मनोनयन पत्र सौंपा। मनोनयन पत्र में 15 दिन के भीतर कार्यकारिणी का गठन करने के लिए भी कहा गया। इसके बाद ही सोशल मीडिया पर इस मनोनयन को लेकर चर्चा फैल गई और डॉ. राजेश शर्मा का पुराना रिकार्ड भी सामने आ गया।
इस मामले में हुई थी गिरफ्तारी
सहारनपुर। पुलिस ने अक्तूबर 2019 में राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि एमबीबीएस की फर्जी डिग्री लेकर दो नर्सिग होम का संचालन किया जा रहा था तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत भी अपने नर्सिंग होम को शामिल कराकर करीब 14 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त किया। इसके अलावा देवबंद सीएचसी में संविदा पर भी काम किया। पुलिस ने खुलासा किया था कि राजेश शर्मा का असली नाम ओमपाल शर्मा है। ओमपाल आर्मी के अस्पताल से रिटायर है और पेंशन भी ले रहा है। वर्ष 1995 में शपथपत्र देकर अपना नाम राजेश शर्मा रख लिया और अपने पैतृक जिला बागपत के बजाए सहारनपुर के नागल में आकर 2005 में नर्सिंग होम खोल लिया। शिवम नर्सिंग होम में बैठकर डॉ. राजेश आर नाम से प्रैक्टिस शुरू कर दी।
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डॉ. राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा का कहना है कि मेरे खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, पुलिस ने बेवजह गिरफ्तार किया था। मुकदमे में जमानत मिल चुकी है तथा अदालत में भी सभी दस्तावेज पेश कर दिए हैं।
चिकित्सा प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष मनोनीत करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों से संस्तुति ली गई थी। डॉ. राजेश के खिलाफ पूर्व में क्या मुकदमा दर्ज हुआ, उन्हें जानकारी नहीं थी। -- संजय गर्ग, विधायक, सपा
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