यहां कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
पुराने शहर कई इलाकों में जर्जर मकान हैं। जिनसे हादसों का खतरा बना है। 21 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। क्योंकि महानगर में 150 से अधिक जर्जर भवन है, जो बारिश की वजह से गिर सकते हैं। शहर में मोहल्ला छत्ता जंब्बूदास, रानी बाजार, दीनानाथ बाजार, हलवाई हट्टा, मोरगंज बाजर, हिरनमाहरान, बड़तला यादगार, कंबोह का पुल, ढोलीखाल सहित कई जगहों पर जर्जर भवनों में परिवार रहते हैं। पूर्व में कई बार घटनाएं हो चुकी है। लोगों को मकान खाली करने या ठीक कराने को नोटिस दिया जाता है, लेकिन बरसात के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल डाल दिया जाता है।
पहले भी हो चुकीं घटनाएं
- रानी बाजार में एक जर्जर भवन के गिरने से मां-बेटे की दबकर मौत हुई थी।
- हिरनमारान में जर्जर भवन के गिरने से तीन मजदूरों की दबकर मौत हो गई थी।
- हिरनमारान में पुराने भवन का एक हिस्सा गिर जाने से कई लोग दब गए थे। एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी।
-- मानकमऊ में एक मकान की छत गिरने से तीन भाई बहन की मौत हो गई थी।