जिले में 11 माह पांच दिन चला था प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
सहारनपुर। मेरठ में 10 मई 1857 को अंग्रेजों के खिलाफ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ। आजादी की लड़ाई के लिए भड़की चिंगारी 12 मई को सहारनपुर पहुंच गई थी। इसके बाद क्रांतिकारियों ने सहारनपुर में 11 माह और पांच दिन यानी 17 अप्रैल 1858 तक आजादी की पहली जंग लड़ी थी।
शहर के लोहा बाजार में स्थित शहीद स्मारक पहली लड़ाई के शहीदों की गाथा याद दिलाता है। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय जनक्रांति को दबाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने सामूहिक नरसंहार किया था। तब रुड़की और हरिद्वार भी सहारनपुर जनपद में ही थे। रुड़की, देवबंद, नकुड़ और सहारनपुर में सामूहिक फांसियां दी गईं।
स्वतंत्रता सेनानी वैद्य श्याम लाल कौशिक द्वारा लिखी पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम में इन घटनाओं का उल्लेख मिलता है। उसके मुताबिक सहारनपुर शहर कोतवाली उन दिनों ललिता अख्तर बाजार में थी। उसके सामने पीपल के पेड़ पर लोगों को फांसी दी गई। शहर में ऐसे ही तीन स्थानों पर सामूहिक फांसी दी गई थी। शहीद गंज का नाम भी इन्हीं घटनाओं के गवाह रहने के कारण पड़ा।
मोहंड में गिरफ्तार हुए थे 28 क्रांतिकारी
सहारनपुर के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट राबर्ट स्पंकी ने अंग्रेज परिवार की महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा के लिहाज से मसूरी भेज दिया था। गुर्जरों और रांगड़ों ने अंग्रेजों पर आक्रमण किए थे। 23 मई को संयुक्त मजिस्ट्रेट एचडी राबर्टसन ने 28 क्रांतिकारी गिरफ्तार कराए थे। इसके बाद मुरादाबाद से सेना की टुकड़ी देवबंद पहुंची। फिर जालंधर से तीन हजार क्रांतिकारी यमुना के रास्ते सहारनपुर पहुंचे थे।
देवबंद ने लड़ी थी सीधी जंग
मौलाना ममलूक अली नानौतवी के नेतृत्व में रामपुर मनिहारान, नकुड़ से शामली तक और गंगोह से देवबंद तक आजादी की लड़ाई लड़ी गई थी। मौलाना हाफिज जामिन, मौलाना कासिम, मौलाना रशीद अहमद गंगोही ने क्षेत्रीय हिंदू और मुसलमान राजपूत एवं गुर्जरों की सेना बनाई। अंग्रेजों से युद्ध किया था। हालांकि इसके बाद अंग्रेजों ने फिर कब्जा जमाया तो ममलूक नानौतवी फरार हो गए थे।
स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की नहीं सुध
संयुक्त अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन की बैठक शुक्रवार को मोहल्ला ब्रह्मपुरी में स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय चंद्रबली शर्मा के निवास पर हुई। ओमप्रकाश शर्मा, टेक सिंह, अनिल त्यागी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की किसी को सुध नहीं है। बैठक में कंवरजहां, राधेश्याम, सुशीला शर्मा, सलीम, मुकेश कपिल, मालती देवी आदि मौजूद रहे।