सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन में हुई बगावत का अभी जनपद में कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि भाकियू अराजनीतिक बनाने वालों ने जनपद में अपना संगठन खड़ा करने के लिए भाकियू के कुछ महत्वाकांक्षी नेताओं का मन टटोलना शुरू कर दिया है। उनके इस प्रयास का अभी तक कोई सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आया है।
भारतीय किसान यूनियन से अलग होकर भाकियू अराजनीतिक बनाने वालों ने संगठन के विस्तार का प्रयास शुरू कर दिया है। लंबे समय से भाकियू में सक्रिय रहे नए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान, राष्ट्रीय महासचिव अनिल तालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी और राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक आदि के जनपद के भाकियू पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं तक से अच्छे संपर्क संबंध रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं पुराने संबंधों के चलते वे जिले के कई पदाधिकारियों से संपर्क का इस्तेमाल कर जनपद में अपना संगठन खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। नए संगठन भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों की कोशिश असंतुष्टों और महत्वाकांक्षी कार्यकर्ताओं के माध्यम से अपना संगठन खड़ा करने की है। सूत्रों के अनुसार संगठन के एक दो नेताओं पर डोरे डालने की कवायद जारी है। हालांकि अभी तक उनके इस प्रयास का कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार और जिला महासचिव चौधरी अशोक कुमार का कहना कि जनपद के संगठन में किसी भी बगावत की आशंका नहीं है। हालांकि दूसरी ओर से प्रयास भी लगातार जारी हैं। उनका दावा है कि जनपद का संगठन एकजुट है।