कोर्ट ने सपा नेता नाहिद हसन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बताया गया कि दस साल पहले नाहिद हसन ने अपने सौ-डेढ़ सौ समर्थकों के साथ थाना सरसावा के सामने धरना दिया था। इसी मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।
सहारनपुर में एसीजेएम अमित कुमार ने सरसावा में सड़क पर धरना देकर अवरुद्ध करने के दस साल पुराने मामले में वांछित कैराना के सपा विधायक नाहिद हसन की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार पांच जुलाई 2012 को नकुड़ रोड सरसावा में कब्रिस्तान को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। मामले की जानकारी पाकर एक पक्ष की ओर से नाहिद हसन अपने सौ-डेढ़ सौ समर्थकों के साथ थाना सरसावा पर पहुंचे। थाने के सामने धरना देकर बैठ गए थे। जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे कांवड़ यात्रा में भी बाधा उत्पन्न हुई। सांप्रदायिक सौहार्द खतरे में पड़ गया। इसके साथ ही थाने की संपत्ति को भी क्षति पहुंचाई गई। पुलिस की ओर से इस मामले में नाहिद हसन समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया था।
इस मामले में आरोपी दस लोगों की जनवरी 2013 में जिला न्यायालय से जमानत हो गई थी, लेकिन नाहिद हसन उपस्थित नहीं हुए थे। वह उसी समय से वांछित चल रहे थे। मुजफ्फरनगर जेल में बंद सपा विधायक नाहिद हसन ने गुरुवार को अधिवक्ता के माध्यम से एसीजेएम कोर्ट में जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दिया। विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने बताया कि एसीजेएम अमित कुमार ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।