सहारनपुर में जाम से जूझते एनएच-73 अंबाला-देहरादून रोड पर वाहनों के भार को कम कर शहर के ट्रैफिक का बड़ी राहत देने की तैयारी है। नेशनल हाईवे अॅथारिटी (एनएचए) अंबाला-देहरादून रोड के ट्रैफिक को शहर से बाहर करने के लिए गागलहेड़ी से सरसावा तक 43 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास बनाने जा रही है।
इस प्रोजेक्ट को केन्द्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही निजी कंपनी से एनएचए एंग्रीमेंट कर सड़क निर्माण शुरू कराएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इस प्रोजेक्ट की अवधि एग्रीमेंट से 730 दिनों की है।
कई राज्यों को जोड़ने वाले अंबाला-देहरादून हाईवे सहारनपुर में शहर के बीच से होकर गुजर रहा है। ऐसे में शहर पूरे दिन जाम से जूझता रहता है। इस सड़क के ट्रैफिक को शहर से बाहर करने के लिए नेशनल हाईवे अथारिटी ने गागलहेड़ी से यमुना नगर तक बाईपास बनाने की योजना तैयार की है।
इस बाईपास को दो हिस्सा में बांटा गया है। पहला हिस्सा गागलहेड़ी से सरसावा तक होगा, दूसरा हिस्सा यमुना नगर इलाके में बनाया जाएगा। गागलहेड़ी से सरसावा तक के बीच में 79 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस प्रोजेक्ट में 1184 करोड़ रुपए की लागत आंकी गई है और इसके निर्माण का जिम्मा एमबीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को सौंपी गई है। इसके अलावा नेशनल हाईवे अथारिटी रुड़की-छुटमलपुर-गागलहेड़ी और छुटमलपुर-गणेशपुर में बाईपास बनाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह पूरे प्रोजेक्ट के लिए 2126 करोड़ रुपये की लागत का मसौदा तैयार है। इसमें गागलहेड़ी से सरसावा तक के बाईपास के अलावा 942 करोड़ रुपये से छुटमलपुर-गणेशपुर और रुड़की-गागलहेड़ी तक फोर लेन किया जाना है।