सहारनपुर। नए फोरलेन बाईपास के निर्माण की कवायद तेजी से चल रही है। निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है जो 15 सितंबर तक पूरी हो जाएगी। टेंडर होने के बाद इसका निर्माण शुरू हो जाएगा, इससे सहारनपुर जनपद के लोगों को काफी लाभ मिलेगा, क्योंकि यह सहारनपुर के लिए रिंग रोड का काम करेगा।
दरअसल, 25 जून को ही प्रदेश कैबिनेट ने इसको मंजूरी दी थी। यह बाईपास 19.125 किलोमीटर लंबाई का होगा, जिस पर 200.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह बाईपास दिल्ली रोड पर चुन्हेटी के पास से शुरू होगा और वहां से बाई तरफ से नकुड़ रोड से निकलता हुआ अंबाला हाईवे और चिलकाना रोड को पार कर देवला गांव के पास बेहट रोड में मिलेगा। बेहट रोड भी दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल है और इसका भी फोरलेन में ही चौड़ीकरण होना है। इस लिहाज से यह सहारनपुर जनपद के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रिंग रोड बन जाएगा। यह दिल्ली रोड को बेहट रोड से जोड़ेगा, इसके बनने के बाद दिल्ली रोड की तरफ से बेहट रोड जाने वाले वाहनों को शहर में आने की जरूरत नहीं होगी। इससे महानगर में ट्रैफिक का बोझ भी कम होगा।
ये भी अहम हैं प्रोजेक्ट
दिल्ली सहारनपुर हाईवे - शामली बाईपास से सहारनपुर तक करीब 62.779 लंबाई का फोरलेन हाईवे बन रहा है। अप्रैल 2022 तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
इकनॉमिक कॉरिडोर
दिल्ली से देहरादून तक करीब 210 किलोमीटर लंबाई का इकनॉमिक (ग्रीन) कॉरिडोर बन रहा है। सहारनपुर जिले के 30 गांवों से यह गुजरेगा।
एलिवेटेड हाईवे
इकनॉमिक कॉरिडोर के तहत ही सहारनपुर जिले में गणेशपुर से मोहंड तक और उससे आगे उत्तराखंड की सीमा में करीब 18 किलोमीटर का हाईवे बनना है, इसमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर का एलिवेटेड हाईवे यूपी की सीमा में बनेगा।
अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे
इस एक्सप्रेस-वे की डीपीआर तैयार कराई जा रही है। नकुड़ और रामपुर मनिहारान क्षेत्र से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे से इन दोनों ही क्षेत्रों में विकास का पहिया रफ्तार पकड़ेगा। यह नया एक्सप्रेस वे दिल्ली से देहरादून तक बन रहे इकनॉमिक कॉरिडोर का इंटर कनेक्ट होगा।
मिनी बाईपास
दिल्ली रोड को मुजफ्फरनगर रोड से जोड़ने वाले मिनी बाईपास का निर्माण 2016 में स्वीकृत हुआ । मिनी बाईपास की लंबाई करीब 9.9 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है।
नये फोरलेन बाईपास के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 15 सितंबर तक टेंडर हो जाएगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी तय होने पर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - सनत गुप्त ऋषि, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, निर्माण खंड ।