सहारनपुर। नगर निगम के जल कल विभाग में पाइपलाइनों की लीकेज मरम्मत की टेंडर प्रक्रिया को स्थगित होने के बाद बीते ढाई साल से चल रही टेंडर प्रक्रिया में खेल का मामला मंडलायुक्त के समक्ष पहुंचा है। पार्षद मंसूर बदर और पार्षद प्रतिनिधि सईद सिद्दीकी ने बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त से मुलाकात कर उन्हें शिकायती पत्र सौंपते हुए जांच कराने की मांग की।
मंसूर बदर ने शिकायती पत्र के माध्यम से मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम को बताया कि लीकेज मरम्मत के नाम पर बीते ढाई साल से टेंडर चल रहा है, जो एक ही दर पर चलता आ रहा है। उन्होंने मंडलायुक्त को बताया कि ढाई साल से जलकल में ठेकेदारों को 150 मदों जैसे पाइप-पीवीसी, पाइप लोहा, बैंड, रेड्यूसर, फ्लंच आदि यूनिट का प्रति यूनिट 1200 से 1300 रुपये तक भुगतान किया जा रहा है। ठेकेदारों को इनका भुगतान बिना जांच किए कर दिया जाता है उन्होंने आरोप लगाया कि जो बिल बनाए जाते हैं उनमें पीवीसी या सीआई का पाइप लिखा जाता है, जबकि मौके पर वह होता नहीं है। ऐसे में ठेकेदारों को प्रत्येक वर्ष आठ से नौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बीते ढाई साल में लीकेज की मरम्मत के भुगतान की फाइलें एमबी मंगवाकर उनकी जांच कराने की मांग मंडलायुक्त से की है।