सहारनपुर। अवैध खनन और खनिज सामग्री के अवैध परिवहन की शिकायतें शासन तक पहुंची हैं। शासन ने जांच कराने के लिए टीम गठित कर सहारनपुर भेजी है, जो दो दिन से जिले में रहेगी। टीम के सदस्य स्वीकृत पट्टों से खनन के अलावा अवैध खनन को लेकर कई बिंदुओं पर पड़ताल के साथ ही स्थानीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।
दरअसल, पिछले दिनों ही अवैध खनन की कई शिकायतें मुख्यमंत्री के साथ ही आला अफसरों को भेजी गईं। इनमें से एक शिकायत में स्थानीय अधिकारियों पर मिलीभगत कर अवैध खनन कराने और उससे मोटी कमाई तक करने का आरोप लगाया था। ऐसी ही शिकायतों के चलते खनिकर्म निदेशालय की तरफ से जांच टीम बनाई गई है।
इस टीम में संयुक्त निदेशक, ज्येष्ठ खान अधिकारी, भू भौतिकविद, सहायक भू वैज्ञानिक, खान निरीक्षक और सर्वेक्षक शामिल किया है। टीम को निर्देश दिया गया कि सहारनपुर जिले में पहुंचकर खनन पट्टों का भौतिक सत्यापन के साथ ही गहनता से जांच की जाए और अवैध खनन के बारे में भी पड़ताल की जाए। लखनऊ से जांच टीम जिले में पहुंच गई है। सोमवार को टीम के सदस्य खनन विभाग के दफ्तर भी पहुंचे। वहां से स्वीकृत खनन पट्टों सहित अन्य जानकारियां जुटाई गई हैं। इसके बाद भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
इन बिंदुओं पर होनी है जांच
स्वीकृत खनन क्षेत्रों एवं स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांटों का भौतिक सत्यापन होगा। देखा जाएगा कि वहां कैमरा लगा है या नहीं।
स्वीकृत क्षेत्रों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में कहां कहां पर अवैध खनन हो रहा है तथा उसमें कौन लोग शामल हैं तथा कितनी मात्रा में खनन हो रहा है।
उप खनिजों के भंडारण स्थल, स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट पर साइनबोर्ड लगा है या नहीं, खनन पट्टे पर सीमा स्तंभ लगाए हैं या नहीं।