डेंगू मरीज से सर्विलांस अधिकारी और विभाग बेखबर
सहारनपुर। डेंगू का मामला सामने आने के 15 दिन बाद भी सर्विलांस अधिकारी और उनकी टीम बेखबर है। मरीज के घर डेंगू मच्छर के खात्मे के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव या फॉगिंग तक नहीं कराई गई है।
चिकित्सा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बलियाखेड़ी ब्लॉक के गांव टपरी कलां निवासी उबैद आलम पुत्र मरगूब को बुखार था। वह 17 अगस्त को जिला अस्पताल की ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचा। चिकित्सक ने अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में डेंगू की जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद लैब से इसकी सूचना सर्विलांस अधिकारी/जिला मलेरिया अधिकारी के कार्यालय को भेजी गई। सर्विलांस अधिकारी को एक सितंबर तक यानी 15 दिन बाद तक डेंगू का मामला सामने आने की जानकारी नहीं थी। गनीमत रही कि मरीज ने अपना इलाज कराया, जिससे उसकी हालत में सुधार है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जहां भी डेंगू का मामला सामने आता है। विभाग की टीम वहां जाकर एंटी लार्वा का छिड़काव करती है। मगर इस मामले में विभागीय लापरवाही की वजह से ऐसा नहीं हो सका है।
तीन दिन से जा रही सर्विलांस टीम
गांव टपरी कलां में बुखार के मामले सामने आने के बाद सर्विलांस टीम तीन दिन से लगातार गांव में जाकर सर्वे कर रही है। मंगलवार को 351 लोगों का सर्वे किया गया था, जिनमें से 91 लोगों के नमूने लिए गए थे। मगर टीम भी यह पता नहीं लगा सकी कि गांव में डेंगू का मरीज है। ग्रामीण सरवर आलम ने बताया कि टीम गांव में डेंगू और मलेरिया नहीं, बल्कि टाइफाइड होने की बात कह रही है।
पांच की मौत, 50 से अधिक लोग भर्ती
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 15 दिन से बुखार का प्रकोप है। हर घर में बुखार का मरीज है। वर्तमान में 50 से अधिक लोग सहारनपुर और सहारनपुर से बाहर अस्पतालों में भर्ती हैं। उनका यह भी दावा है कि बीते कुछ दिन में पांच लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है।
वर्जन
जनपद में अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। लैब से भी पता किया है, वहां से भी मना किया गया है। उधर, टपरी कलां में तीन दिन से टीम भेजी जा रही है। सर्वे करने के साथ ही स्लाइड बनाई जा रही हैं। गांव में डेंगू नहीं, बल्कि टाइफाइड के मामले अधिक हैं।
- शिवांका गौड़, सर्विलांस अधिकारी/जिला मलेरिया अधिकारी