फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोवंश की दयनीय हालत देख एसडीएम भड़के

विज्ञापन
गौआश्रय स्थल में भूसे की गुणवत्ता देखते एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सरसावा (सहारनपुर)। ग्राम सलूनी में निर्मित गो आश्रय स्थल पर फैली अव्यवस्थाओं और गोवंश की दयनीय हालत देखकर निरीक्षण करने आए एसडीएम सदर भड़क गए। उन्होंने जिम्मेदारों को व्यवस्थाएं सुधारने का आदेश दिया। एसडीएम ने ग्रामीणों को ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
विज्ञापन

मंगलवार को सरसावा विकासखंड क्षेत्र के चिलकाना रोड पर स्थित ग्राम सलूनी में बने गो आश्रय स्थल का एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह निरीक्षण करने आए। जिस वक्त एसडीएम निरीक्षण करने पहुंचे गौवंश सिर्फ सूखा भूसा खा रहे थे। इसे देखकर एसडीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने को आश्रय स्थल पर तैनात दोनों व्यक्तियों को बुलाया। उन्होंने बताया बरसात के कारण खेतों में पानी भरा है, इस कारण चारा नहीं काटा जा रहा है। जब एसडीएम ने पूछा कि गौ आश्रय स्थल के पास चारागाह की 80 बीघा भूमि है क्या सारी भूमि पर पानी भरा है तो दोनों चुप हो गए।
एसडीएम ने गौवंश की बेहद दयनीय हालत को देखकर रोष जताया। हालांकि गो आश्रय स्थल पर तैनात दोनों लोगों ने बताया पशु चिकित्सक रोजाना आकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करते हैं । निरीक्षण में रोजाना की जानकारी दर्ज करने वाला कार्रवाई पंजिका भी अपूर्ण देखकर एसडीएम ने नाराजगी जताई। एसडीएम ने जब मृत गौवंश के विषय में जानकारी मांगी तो दोनों व्यक्ति कोई जवाब नहीं दे सके। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया आज भी दो बछड़े मर गए, इन्हें बिना पोस्टमार्टम के जमीन में दबा दिया है। गोआश्रय स्थल की छत पर लगे मकड़ी के जालों का जंजाल तथा आश्रय स्थल के परिसर में जमीन पर फैली गंदगी खस्ताहाल संपर्क मार्ग को देखकर एसडीएम ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया ग्राम सचिव कभी-कभी आते हैं जिस पर एसडीएम ने ग्राम सचिव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
विज्ञापन

इस संबंध में अनिल कुमार सिंह ने बताया गो आश्रय स्थल सलूनी में अव्यवस्था मिली हैं। 80 बीघा चरागाह की भूमि के बावजूद गौवंश कमजोर हैं जो गंभीर मामला है। उन्होंने लापरवाही बरतने पर ग्राम सचिव के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें