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UP: भ्रूण लिंग जांच करते दो शातिर दबोचे, घर में बना रखा था नर्सिंग होम, ऐसे हुआ पर्दाफाश, मास्टरमाइंड अभी फरार

Fri, 17 Nov 2023 05:41 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

Saharanpur News : पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापामारी के दौरान दो शातिरों को भ्रूण लिंग जांच करते रंगेहाथ दबोच लिया। अभी गिरोह का मास्टरमाइंड फरार है।
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आरोपी गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर में सदर बाजार पुलिस और पीसीएनडीटी की टीम ने एक मकान में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच का भंड़ाफोड़ किया है। छापाामारी के दौरान दो युवकों को लिंग परीक्षण करते रंगेहाथ पकड़ा गया। अभी गैंग का मास्टरमाइंड फरार है। योजना के तहत महिला पुलिसकर्मी को डिकोय बनाकर भेजा गया, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पुलिस को भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिल रही थी। जिसके बाद महिला पुलिस आरक्षी को डिकोय बनाया गया। महिला आरक्षी गर्भवती है।

बताया गया कि भ्रूण लिंग की जांच करने के लिए गिरोह के एक सदस्य से संपर्क किया गया। जिसके बाद महिला आरक्षी को एक युवक बाइक पर बैठाकर चलने से पहले आठ हजार रुपये लिए और अपने साथ पंजाबी बाग में एक मकान में ले गया। जहां पुलिस और पीसीपीएनडीटी टीम ने पहले ही जाल बिछाया हुआ था। भ्रूण जांच करते हुए सचिन (27) पुत्र उधम सिंह निवासी जुखेड़ी व रोकी (26) पुत्र बाबूराम निवासी जेहरा थाना गंगोह को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक पोर्टेबल मशीन, आईपैड, अल्ट्रासाउंड जैल, दो मोबाइल और 49,500 रुपये बरामद किए गए।

हर रोज कर रहे थे तीन से चार अल्ट्रासाउंड
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रतिदिन तीन से चार अल्ट्रासांउड करते थे। एक गर्भवती की जांच के लिए आठ हजार रुपये लेते थे। वायरलैस अल्ट्रासाउंड मशीन और आईपैड का प्रयोग कर गर्भवतियों का भ्रूण परीक्षण कर लड़का है या लड़की बताते थे। गिरफ्तार आरोपी सचिन 2016 में भी भ्रूण लिंग जांच के आरोप में जेल जा चुका है।

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सचिन इंटर तो रोकी ने बीएससी की पढ़ाई की
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पढ़े लिखे हैं। सचिन ने इंटर तो रोकी ने बीएससी तक पढ़ाई की है। 2016 में वह एक डॉक्टर के यहां काम करते थे। वहीं, पर उन्होंने अल्ट्रासाउंड करना सीखा था। इनके गैंग में आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी भी शामिल हैं। इनके अलावा कुछ प्राइवेट पैथोलॉजी के कर्मचारी भी संपर्क में रहते थे। पुलिस इन सभी की तलाश में हैं।

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