बताया गया कि भ्रूण लिंग की जांच करने के लिए गिरोह के एक सदस्य से संपर्क किया गया। जिसके बाद महिला आरक्षी को एक युवक बाइक पर बैठाकर चलने से पहले आठ हजार रुपये लिए और अपने साथ पंजाबी बाग में एक मकान में ले गया। जहां पुलिस और पीसीपीएनडीटी टीम ने पहले ही जाल बिछाया हुआ था। भ्रूण जांच करते हुए सचिन (27) पुत्र उधम सिंह निवासी जुखेड़ी व रोकी (26) पुत्र बाबूराम निवासी जेहरा थाना गंगोह को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक पोर्टेबल मशीन, आईपैड, अल्ट्रासाउंड जैल, दो मोबाइल और 49,500 रुपये बरामद किए गए।
सचिन इंटर तो रोकी ने बीएससी की पढ़ाई की
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पढ़े लिखे हैं। सचिन ने इंटर तो रोकी ने बीएससी तक पढ़ाई की है। 2016 में वह एक डॉक्टर के यहां काम करते थे। वहीं, पर उन्होंने अल्ट्रासाउंड करना सीखा था। इनके गैंग में आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी भी शामिल हैं। इनके अलावा कुछ प्राइवेट पैथोलॉजी के कर्मचारी भी संपर्क में रहते थे। पुलिस इन सभी की तलाश में हैं।
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