मोबाइल काल डिटेल खंगाली, पर नहीं लगा सुराग
वारदात के समय क्षेत्र में सक्रिय रहे मोबाइल फोन नंबर भी खंगाले। कुछ मोबाइल फोन को सर्विलांस पर भी लिया। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन की डिटेल खंगाली, लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जो हत्यारों तक पहुंचने में मददगार साबित होता।
तंत्रमंत्र, प्रेम प्रसंग और रंजिश के बिंदु पर भी की जांच
दोनों भाई ज्योतिष का काम करते थे। शुरू में पुलिस को शक था कि हत्या के पीछे तंत्रमंत्र वजह हो सकता है। इस बिंदु पर भी जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद प्रेम-प्रसंग, चुनावी रंजिश, लेनदेन का विवाद आदि बिंदुओं पर जांच की गई।
न फॉरेसिंक जांच काम आई और न क्राइम ब्रांच की काबिलियत
फॉरेंसिक टीम ने नमूने लिए थे, लेकिन इससे भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। गंगोह पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम को भी इस वारदात के खुलासे के लिए लगाया। क्राइम ब्रांच में क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों से कई-कई बार पूछताछ की।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा
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हमें चाहिए इंसाफ, किसी पर शक नहीं
पुन्नू भगत और लीलू भगत के भतीजे आशीष का कहना है कि परिवार को इंसाफ चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार को किसी पर शक नहीं है। पुन्नू भगत के दो लड़के और दो पुत्रियां हैं, जो अपनी मां मोहिनी के साथ वर्तमान में बड़ौत में रह रहे हैं, लीलू भगत का पत्नी रीना मोहनपुरा में ही रहती है। लीलू भगत के एक छोटी पुत्री और एक पुत्र है।
दोहरे हत्याकांड में हर पहलु से जांच हो चुकी है, लेकिन अभी कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस टीमें लगी हैं। पुलिस खुलासे के लिए लगातार प्रयास कर रही है। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी