सरसावा (सहारनपुर)। सरसावा निवासी एमडी डॉ. जितेंद्र चौहान का बेटा शशांक यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। जितेंद्र चौहान ने बताया कि शशांक विनीसिया में फंसा है। वहां दो दिन पहले कर्फ्यू लग गया था। शुक्रवार दोपहर को शशांक ने फोन पर बताया कि उन्होंने भारतीय उच्चायोग से संपर्क कर भारत वापसी की गुहार लगाई थी जिसके पश्चात उन्हें आज भारतीय उच्चायोग से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि वे आज ही ट्रेन द्वारा अपने शहर से यूक्रेन रोमानिया देश की सीमा पर पहुंच जाएं। जहां से उन्हें भारत सरकार द्वारा भेजे गए विशेष वायुयान से अन्य भारतीय छात्रों के साथ शुक्रवार की रात्रि को भारत लाया जाएगा।
रूम से निकलने पर है पूरी पाबंदी
बड़गांव। यूक्रेन के विनीसिया स्टेट में मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे कस्बा बड़गांव के पीयूष राणा के माता पिता बच्चे की पलपल की खबर ले रहे हैं। पीयूष भी फोन पर अपनी मां सुधा पिता मुनेश सिंह को दिन में कई बार अपने सुरक्षित होने की खबर दे रहा हैं। भारत सरकार द्वारा छात्रों को पोलैंड के रास्ते यूक्रेन से निकालने की खबर से परिजनों को जरूर कुछ राहत मिली है।
चिंता की बात नहीं, ले रहा आनलाइन क्लास
चिलकाना। मोहल्ला जाकिर हुसैन निवासी अजीम अंसारी यूक्रेन की लवीव यूनिवर्सिटी में डाक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। शुक्रवार दोपहर में जब अजीज से बात हुई, तो उसने बताया कि वहां के हालात अभी तक सामान्य हैं। लोगों के मन में डर तो है, लेकिन वह अपने प्रतिदिन के कामों में व्यस्त रहते हैं। जहां लडाई शुरू हुई है, वह स्थान यहां से 1200 किमी दूर है।
यूनिवर्सिटी में बना दिया बंकर
बेहट। ताजपुरा के काशिफ हसन यूक्रेन के निप्रो शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे है। काशिफ ने बताया, कि अभी निप्रो शहर पर कोई हमला नहीं हुआ, लेकिन हमले का डर बना है शहर में इमरजेंसी की घोषित कर दी गई। उन्हें जरूरी सामान खरीद कर अपने पास रखने के लिए कहा गया है। काशिफ के पिता डॉ. सगीर हसन ने बताया कि बेटा अभी सब कुछ ठीक बता रहा है, लेकिन उन्हें हर समय उसकी चिंता रहती है।
बेहट निवासी काशिफ- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा निवासी शशांक- फोटो : SAHARANPUR