ईमानदारी से बने राम मंदिर और पूरी दुुनिया में हो मिसाल कायम
सहारनपुर। केंद्र सरकार की ओर से अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा करने पर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों में भारी उत्साह है। इन लोगों की मांग है कि पूरी ईमानदारी के साथ भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। मंदिर ऐसा बनना चाहिए, जो अपने आप में पूरी दुनिया में मिसाल बने। अब मंदिर निर्माण को लेकर किसी तरह के विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
पूर्व विधायक मिशन कंपाउंड निवासी लाज कृष्ण गांधी बताते हैं कि वर्ष 1991 में सहारनपुर में उन्होंने आरएसएस की तरफ से श्रीराम मंदिर आंदोलन की कमान संभाली थी और वह संयोजक थे। उनके पिता स्व कुंदन लाल राम मंदिर आंदोलन में जेल गए। इसके अलावा उनका बेटा नंद किशोर गांधी के अलावा सैकड़ों लोग जेल गए । सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर बनाए जाने रास्ता साफ हुआ है केंद्र सरकार ने भी ट्रस्ट की घोषणा कर दी, जिन लोगों को ट्रस्ट में शामिल किया, वह सभी देश के योग्य व्यक्ति हैं। इसमें किसी को नाराजगी नहीं जतानी चाहिए। नंद किशोर गांधी ने कहा अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। वहां पर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बनना चाहिए, जो पूरे विश्व के लिए अपने आप में एक मिसाल बन जाए, जो संत ट्रस्ट में शामिल न करने की वजह से नाराज हैं, उनको ऐसा नहीं करना चाहिए। उम्मीद है कि सरकार ट्रस्ट का विस्तार कर सभी की नाराजगी भी दूर करेगी, लेकिन सबसे पहला काम है कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो।
माधोनगर निवासी पूर्व सभासद महेंद्र सचदेवा बताते हैं कि राम मंदिर आंदोलन में लंबे समय तक जुड़े रहे। शादी के सात दिन बाद ही वह अपनी पत्नी सुुषमा सचदेवा के साथ इस आंदोलन में जेल गए। आंदोलन में पत्नी ने भी उनका पूरा सहयोग किया। केंद्र सरकार ने राम मंदिर निर्माण की पहल कर ट्रस्ट की घोषणा की। सरकार का कदम सराहनीय है। मंदिर में निर्माण में अब किसी भी तरह का विवाद नहीं रहना चाहिए।