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व्यापारी नेता का एकाउंट हैक कर मांगे रुपये

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आदित्य राठी - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले के व्यापारी नेता और एक सामाजिक संस्था के संस्थापक के फेसबुक एकाउंट को हैक कर संगठन के सदस्यों से 20-20 हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया है। कुछ सदस्यों ने जब संस्थापक से यह राशि मांगने का कारण पूछा तो वह दंग रह गए। अब उन्हें सभी सदस्यों को सफाई देनी पड़ रही है कि उनकी ओर से ऐसी कोई राशि नहीं मांगी गई है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री और सामाजिक संगठन प्रगति सोशल वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक आदित्य राठी के एकाउंट से यह सब किया गया। उन्होंने नगर कोतवाली में तहरीर देकर छानबीन कर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि हैकर ने उनकी संस्था की साइट पर पहले हेलो मेसेज डाला था। इसके बाद एक-एक कर कई सदस्यों से 20-20 हजार रुपये अर्जेंट कहकर मांगे गए। इसके लिए एक पेटीएम नंबर भी दर्शाया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह नंबर न तो आदित्य राठी का है और न ही एकाउंट उनका है। राठी ने बताया कि उनकी संस्था से 900 से अधिक सदस्य जुड़े हैं। यह संस्था कई साल से सक्रिय है और कोई फंडिंग नहीं करती। न ही सदस्यों से कोई पैसा लेती है। गनीमत रही कि सदस्यों ने उनसे फोन करके इस डिमांड के बारे में पूछा। अन्यथा 100 से ज्यादा सदस्य ठगी के शिकार हो जाते और लाखों की चपत लग जाती। उन्होंने बताया कि उनके एकाउंट का इस्तेमाल कर सहारनपुर से लेकर दिल्ली, नोएडा और इंदौर तक के सदस्यों को मेसेज कर दिए गए। पुलिस को सूचना देने के साथ ही अब उन्होंने अपने एकाउंट की फोटो से लेकर अन्य प्रोफाइल बदल दी है ताकि कोई सदस्य ठगी का शिकार न बन जाए।
मेडिकल स्टोर और बीआर मीना का नाम आया सामने
- संस्था ने अपने सदस्यों की ओर से ही छानबीन कराई तो अब तक किसी मेडिकल स्टोर और बीआर मीना के नाम का लिंक सामने आया है, लेकिन पूरी तरह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। नगर कोतवाली प्रभारी आरके सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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हैकर हो रहे सक्रिय, नहीं रुक रही ठगी
- जिले में हैकर लगातार सक्रिय हो रहे हैं। इससे पहले जनक ढाबा संचालक और व्यापारी सूरज सचदेवा की भी आईडी हैक की जा चुकी है। वहीं, पेटीएम, गूगल पे से लेकर आनलाइन पेमेंट और सोशल मीडिया के एकाउंट हैक कर मेसेज डालकर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा सोना, चांदी, कपड़ा, बर्तन और इलेक्ट्रानिक सामान के सौदे के नाम पर ठगी की गई है। एक माह में ही दो सराफा कारोबारी सहित नौ व्यापारी अब तक अलग-अलग तरह से ठगी का शिकार बन चुके हैं।
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