मेडिकल वेस्ट प्लांट के विरोध में जनसुनवाई, ग्रामीणों ने दर्ज कराईं आपत्तियां
चिलकाना (सहारनपुर)। चिलकाना के निकट मसखरा नदी के पास बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने इस प्लांट के बारे में जन सुनवाई करने आए अपर जिलाधिकारी वित्त को अपनी आपत्तियों से अवगत कराया। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्लांट के लगने से क्षेत्र के लोगों को पर्यावरण प्रदूषण संबंधी समस्याओं का सामना करना पडे़गा। अपर जिलाधिकारी ने लोगों की समस्याओं को गौर से सुना तथा उनका निराकरण करने का आश्वासन दिया।
ग्राम धौलाहेड़ी के पास लगने वाले बायो मेडिकल वेस्ट मैटेरियल को निस्तारित करने के लिए एक प्लांट प्रस्तावित है। शुक्रवार को इस प्लांट के लगने पर लोगों की आपत्तियों की जन सुनवाई थी। प्लांट के पक्ष में पांच लोगों ने अपनी राय रखी, जबकि विरोध में करीब 45 लोगों ने अपनी बात रखी।
यमुना खादर कल्याण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओमी पंवार ने कहा कि यदि यह प्लांट एनजीटी तथा कानून के दायरे में लग रहा है, तो उन्हें कुछ आपत्ति नहीं है, लेकिन यह प्लांट प्रदूषण विभाग के 2016 के नियमों का उल्लंघन करके लगाई जा रही है। प्लांट के पास मसखरा नदी है तथा दर्जनों गांव इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके लगने से धरती, जल, पशु, मानव, हवा सभी को नुकसान है। पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि जायर हुसैन चांद ने कहा कि यह प्लांट पहले नकुड़ में लग रहा था, तो वहां से हटाकर चिलकाना के करीब क्यों लगाया जा रहा है। विरोध करने वालों में भाजपा नेता हरीश पंवार, अनिल सैनी आल्हनपुर, सुमेर चंद कपिल पठेड़, चौधरी देवी सिंह टोडरपुर, पूनम धौलाहेड़ी, चौधरी तेजपाल ढुलानी, शहजाद दूधगढ़, व्यापार मंडल अध्यक्ष यूसुफ कुरैशी, पूर्व सभासद सुधीर सुधीर जैन, मांगेराम, डॉक्टर सुशील प्रधान, शमशेर, मेनपाल धौलाहेड़ी, आशु सैनी सुल्तानपुर, महेंद्र सिंह आदि ने अपनी बात रखी। क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों तथा संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एडीएम एफ तथा प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी को प्लांट के विरोध में ज्ञापन सौंपे।
एडीएम एफ विजय कुमार मिश्रा ने कहा कि इस परियोजना के बारे में जो आपत्तियां आई हैं, उन्हें प्रदूषण बोर्ड की राज्य समिति को भेज दिया जाएगा। प्लांट बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार ही लगाया जाएगा।
प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीसी पांडे ने कहा कि जन सुनवाई में 11 संस्थाओं की शिकायतें आई हैं। सभी शिकायतों, सुझावों पर बोर्ड द्वारा अध्ययन किया जाएगा तथा प्रदेश समिति को भेज दिया जाएगा। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
प्लांट के परामर्शदाता आनंद कुमार ने कहा कि इस प्रस्तावित प्लांट में एक घंटे में 250 किलो कचरे का निस्तारण होगा। प्लांट से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। प्लांट से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा।
ज्ञापन देते क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति।- फोटो : SAHARANPUR
जनसुनवाई के दौरान मौजूद ग्रामीण- फोटो : SAHARANPUR