सहारनपुर। दशलक्षण पर्व के छठे दिन जैन मंदिरों में उत्तम संयम धर्म की पूजा की गई। इसके साथ ही जैन समाज के लोगों ने श्रीजी का अभिषेक कर राष्ट्र कल्याण की प्रार्थना की।
जैन बाग स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में सुबह पांच बजे से ही समाज के लोगों ने पहुंचकर पूजा अर्चना की। इस मौके पर वृति सीए अनिल जैन ने कहा संयम धर्म से आशय सम्यक रूप से पंच इंद्रियों पर नियंत्रण में रखकर जीवों की रक्षा करना है। पंच इंद्रियों के विषय जीव को आकर्षित करते है और मनमोहक लगते हैं, लेकिन इसका फल दुखदायी होता है। जिस व्यक्ति की इंद्रियां वश में नहीं होती हैं, वह अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए न जाने कितने जीवों के साथ प्रतिदिन हिंसा करता है और नर्क भागी बनता है, जिसने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया, वही सच्चा साधक होता है और कल्याण का भागी बनता है। इस दौरान अभिषेक, सतीश जैन, शिव कुमार जैन, अल्पेश जैन, राजेश जैन, आशीष जैन, विपिन जैन, मनोज जैन, श्रेयांश जैन, पंकज जैन, दीपक जैन, अभिषेक जैन, प्रदीप जैन, प्रवीण जैन, राजीव जैन आदि मौजूद रहे।
वहीं, आवास-विकास कॉलोनी स्थित जैन मंदिर में श्रीजी का अभिषेक किया। आवास विकास कॉलोनी निवासी के चौधरी संदीप जैन ने कहा कि जो व्यक्ति संयम को धारण करता है, उसका कल्याण संभव है। बिना संयम के मनुष्य का जीवन में दुखमयी हो जाता है, लेकिन जो इंद्रियों को वश में कर लेता है, वह ही प्रभु का सच्चा भक्त बनता है। इस दौरान संयोजक संदीप जैन, विपुल जैन, प्रदीप, चौधरी संदीप जैन, अमित जैन, विरेंद्र जैन, कुलभूषण जैन, राकेश जैन, विरेंद्र जैन, श्रवन जैन, प्रवीण जैन, आकाश जैन, मोहित जैन, संजय जैन, अनुज जैन, प्रदीप जैन, बिट्टू जैन, संदीप जैन, अनिल जैन, बोबी जैन, वैभव जैन, टीटी जैन, नवीन जैन, मनीष जैन मौजूद रहे। इसके साथ ही जैन समाज के लोगों ने अध्यक्ष राजेश जैन के स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
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