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बुखार से हुई थी शूकरों की मौत, नेगेटिव आई रिपोर्ट

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सहारनपुर। महानगर में संदिग्ध बीमारी की चपेट में आकर हुई पांच शूकरों की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है। वायरल फीवर की वजह से शूकरों की मौत हुई थी। पहले आशंका जताई गई थी कि शूकरों की मौत अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से हुई है। शूकरों के सैंपल बरेली जांच के लिए भेजे थे, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके बाद विभाग ने राहत की सांस ली।
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महानगर में नुमाइश कैंप से सटे मोहल्ला शांतिनगर, नुमाइशकैंप और वाल्मीकि बस्ती में पालतू पांच शूकरों की दो सप्ताह पूर्व मौत हुई थी। इसके साथ ही ढमोला नदी में कुछ मरे हुए शूकर पड़े मिले थे। पता लगने पर पशु पालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी और पांच शूकरों के नमूने लेकर जांच के लिए बरेली भेजे गए थे। आशंका जताई जा रही थी कि अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से शूकरों की मौत हुई है।
रविवार को बरेली से जांच रिपोर्ट नेगेटिव मिलने के बाद विभाग ने राहत की सांस ली है। रिपोर्ट में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरके सक्सेना ने बताया कि सामान्य वायरल फीवर की वजह से शूकरों की मौत हुई है। बुखार से बचाने लिए भी शूकरों का टीकाकरण कराया जा रहा है। अफ्रीकन स्वाइन फ्लू किसी शूकर को नहीं हुआ है। इसलिए पशु पालकों को भी घराबने की जरूरत नहीं है। ईलाज के लिए चिकित्सकों की पांच टीमें काम कर रही हैं। शूकरों को बुखार से बचाने के लिए पशु पालकों को दवाएं भी वितरित की जा रही हैं।
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शूकरों की मौत से पशुपालकों में दहशत
गंगोह। नगर में पिछले एक सप्ताह से लगातार शूकरों की मौत हो रही है। 50 से अधिक शूकरों की मौत से पशु पालकों में दहशत है। शूकरों को पालने वाले श्याम, घनश्याम, रमेश, अशोक, गौरव, सतीश, मेमपाली, संजय आदि अनेक लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। पशु चिकित्साधिकारी संजय चतुर्वेदी ने बताया कि रविवार को वाल्मीकि बस्ती में जाकर जांच की। बताया कि पिछले दिनों ब्लाक पुवारंका क्षेत्र में भी ऐसी ही मौत हुई थी, जहां गंगोह से भी टीम गई थी। वहां से सेंपल जांच के लिए बरेली भेजा गए थे। माना जा रहा है उन्हें मिक्स इन्फेक्शन हुआ है।
सडक किनारे, तालाबों और नालों में फेंके जा रहे मृत शूकर
गंगोह। कुछ लोगों ने शूकरों की मौत के बाद इन्हें बोरों में भरकर सड़कों के किनारे, तालाब और नालों आदि में डाला जा रहा है। इससे वातावरण में दुर्गंध फैली हुई है। खुले में संक्रमित शूकरों के शव होने के चलते बीमारी के फैलने की आशंका भी जताई जा रही है। अनेक नागरिकों ने इस पर रोष जताते हुए इनके निस्तारण कराने की मांग की है।
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