फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीआईसीयू में डी फेब्रिलेटर नहीं चला सकी नर्स

विज्ञापन
संयुक्त निदेशक चिकित्छसा को डी फेब्रिलेटर चलाकर दिखाती कर्मचारी। - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका बनी हुई है। कोरोना संक्रमण से मरीजों खासकर बच्चों को बचाने के लिए संसाधनों पर मोटी रकम खर्च की जा रही है। मगर पीआईसीयू में तैनात चिकित्सकीय स्टाफ में से कुछ एक्टिव हैं, वहीं कई ऐसे हैं जो पीआईसीयू में लगी मशीनों को चलाना तक नहीं जानते हैं। शुक्रवार को मॉक ड्रिल से पहले संयुक्त निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) के समक्ष कई कर्मचारी डी फेब्रिलेटर नहीं चला सके।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है। द्वितीय तल और तृतीय तल पर 25-25 बेड का पीआईसीयू तैयार किया गया है। शुक्रवार को पीआईसीयू में मॉकड्रिल हुआ। मॉकड्रिल देखने के लिए संयुक्त निदेशक एनके गुप्ता पहुंचे थे। मॉकड्रिल से पहले उन्होंने वार्ड की नर्स से डी फेब्रिलेटर चलाकर दिखाने को कहा तो वह चला नहीं सकी। संयुक्त निदेशक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कोई है जो डी फेब्रिलेटर को चलाकर दिखा सकता है। इसके बाद एक अन्य नर्स आगे आई और किसी तरह डी फेब्रिलेटर को चलाने का प्रयास किया।
संयुक्त निदेशक ने अन्य उपकरणों को चलाकर दिखाने के लिए कहा तो ज्यादातर कर्मचारी पीछे हो गए। साथ में रहे डॉ. प्रवीण कुमार ने संयुक्त निदेशक को बताया कि ज्यादातर कर्मचारी पीआईसीयू में आना नहीं चाहते हैं।
विज्ञापन

मॉकड्रिल में लाई बच्ची भी घबराकर भागी
मॉकड्रिल के लिए लाई गई करीब चार साल की बच्ची घबराकर वार्ड से भाग गई। इसके बाद अस्पताल में पिता अमजद के साथ इलाज के लिए आए छह वर्षीय सुहेल को मॉकड्रिल के लिए तैयार किया गया। मॉकड्रिल में बच्चे को अस्पताल के गेट से एंबुलेंस से उतारकर स्ट्रेचर पर लिटाकर दूसरी मंजिल पर बने पीआईसीयू में लाया गया। सबसे पहले एडमिशन कक्ष में बच्चे का ऑक्सीजन स्तर, बुखार आदि चेक किए गए। बाद में उसे वार्ड के भीतर ले जाकर ऑक्सीजन देने का डेमो दिखाया गया। साथ ही उसको ऑक्सीमीटर लगाया गया। हैरानी की बात यह है कि वहां सुहेल को मास्क तक नहीं मिला। डॉक्टर बार-बार बच्चे को मास्क देने के लिए कहते रहे। ऐसे में बच्चे के मुंह पर पिता का रुमाल बांधकर मॉकड्रिल की गई।
जिला महिला अस्पताल में बने पीआईसीयू में मॉकड्रिल हुआ है। संयुक्त निदेशक के समक्ष एक कर्मचारी डी फेब्रिलेटर नहीं चला सकी, मगर बाकी स्टाफ पूरी तरह प्रशिक्षित है और कोरोना से निपटने के सभी इंतजाम हैं।
विज्ञापन

- डॉ. प्रवीण कुमार, प्रभारी, पीआईसीयू।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें