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बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाएगा मां का दूध

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माताओं को स्तनपान के लिए जागरूक करती डाक्टर नैना मिगलानी व स्टाफ - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर जल्द आने की आशंका जताई जा रही है। आशंका यह भी है कि तीसरी लहर बच्चों को अधिक प्रभावित कर सकती है। चिकित्सकों की सलाह है कि जिन माताओं के शिशु छोटे हैं, उन्हें मां का दूध पिलाएं। क्योंकि डिब्बा बंद या बाहर के दूध की तुलना में मां का दूध कोरोना से बच्चों की अधिक सुरक्षा करेगा।
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जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ममता सोढ़ी का कहना है कि मां का गाढ़ा और पीला दूध शिशु के लिए अमृत है। जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान से नवजात के मृत्यु दर में 33 फीसद तक कमी लाई जा सकती है। यही नहीं छह माह तक शिशु को स्तनपान कराने से दस्त व निमोनिया के खतरे भी कम हो जाते हैं।
वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी का कहना है कि मां के दूध में विटामिन-ए, एंटीबॉडीज, प्रोटीन और रोग प्रतिरोध कारक होते हैं, जो शिशुओं की अनेक गंभीर बीमारियों से रक्षा करते हैं। उनका कहना है कि शिशुओं को मां को अपना ही दूध पिलाना चाहिए। उनका कहना है कि मां का दूध पीने से केवल बच्चे को फायदे नहीं होते, बल्कि माताओं को भी अनेक लाभ होते हैं।
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स्तनपान से बच्चे को लाभ
- स्तनपान से शिशु को विटामिन-ए और एंटीबॉडीज युक्त कोलोस्ट्रम मिलता है, जो बच्चे के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
- मां के दूूध में उच्च प्रोटीन और रोग प्रतिरोधकारक होते हैं, जो बच्चे में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
- मां के दूध में लांगचेन पॉली अनसेचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो बच्चे का मानसिक विकास करते हैं।
- मां के दूध में डीएचए होता है, जिससे बच्चे की दृष्टि तेज होती है।
- मां का दूध पीने वाले बच्चे अधिक बुद्धिमान होते हैं।
इन बीमारियों से बचाता है मां का दूध
मां का दूध पीने वाले बच्चों को कान, फेफड़ों और पेट का इन्फेक्शन होने की आशंका बेहद कम रहती है। सर्दी, जुकाम, एलर्जी, शुगर, ब्लड कैंसर जैसी बीमारियों से भी मां का दूध बच्चे को बचाता है।
स्तनपान कराने वाली मां को लाभ
शिशुओं को स्तनपान कराने वाली माताओं का वजन नियंत्रित रहता है। डिप्रेशन की आशंका कम हो जाती है। पेट बाहर नहीं आता। ब्लड प्रेशर, जोड़ों की बीमारी, दिल की बीमारियां, शुगर आदि होने का खतरा बेहद कम रहता है।
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