सहारनपुर के हरियाबास गांव में दो दर्जन से अधिक लोगों ने शनिवार रात नवरात्रि का व्रत खोलने के बाद कुट्टू के आटे के व्यंजन बना कर खाये। सुबह उनकी तबियत बिगड़ने लगी। सभी को चक्कर, उल्टी, कमजोरी महसूस हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और खाद्य विभाग की टीम को सूचना दी। हालांकि टीम मौके पर नहीं पहुंची।
सहारनपुर के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव हरियाबास में कुट्टू का आटा खाने से दो दर्जन से अधिक लोग बीमार पड़ गए। बीमार लोगों को हरोड़ा सीएचसी में भर्ती कराया गया। पुलिस ने खाद्य विभाग की टीम को सूचना दी। हालांकि टीम सूचना के बाद भी नहीं पहुंची।
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गांव हरियाबास में दो दर्जन से अधिक लोगों ने शनिवार रात नवरात्रि का व्रत खोलने के बाद कुट्टू के आटे के व्यंजन बना कर खाये। रविवार सुबह सभी सोकर उठे तो उनकी तबियत बिगड़ने लगी। बीमार पड़े लोगों ने बताया कि गांव की दुकान से ही शनिवार को कुट्टू का आटा लिया था। जिसके बाद उन्होंने उससे बना भोजन किया तो सभी को चक्कर, उल्टी, कमजोरी महसूस हुई। तबियत में सुधार न पर सभी को हरोड़ा सीएचसी मे भर्ती कराया गया।
अचानक लोगों के बीमार होने की सूचना पर थाना प्रभारी फोर्स के साथ गांव पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी करने के बाद उन्होंने फूड निरीक्षक को सूचना देकर दुकान से सैम्पल लेने को कहा, लेकिन देर शाम तक भी विभाग का कोई कर्मचारी गांव मे नहीं पहुंचा। वहीं, हरोड़ा सीएचसी प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया की सभी की तबियत कुट्टू का आटा खाने के बाद खराब हुई है। सभी को उल्टी, चक्कर, कमजोरी की शिकायत है। बीमार पड़ने का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया है।